कुछ ध्वनि स्रोत तथा उनकी प्रबलताएँ एवं पराश्रव्य तरंगों के उपयोग

कुछ ध्वनि स्रोत तथा उनकी प्रबलताएँ एवं पराश्रव्य तरंगों के उपयोग

स्रोत

प्रबलता

प्रक्षेपास्त्र (Missile)

180db

स्टीरियो फोन फल साउंड (Stereophone)

140db

साइरन 

130 db

जेट विमान (असहनीय)

120 db

मोटर साइकिल (100CC)

110 db

कारखानों का शोर

100 db

भारी वाहन

90 db

सामान्य बातचीत

40 db

फुसफुसाहट

20 db

पराश्रव्य तरंगों के उपयोग

                गाल्टन सीधी में कुत्तों को प्रशिक्षित करने में प्रयुक्त सीटी

                धातुओं को जोड़ने में।

                कीमती कपड़ों, वायुयानों, घड़ी के पुर्जो एवं चिमनियों की सफाई में।

                गठिया रोग के उपचार एवं मस्तिष्क में ट्यूमर का पता लगाने में। 

                कुछ पौधों की वृद्धि तीव्र करने में।

                सोनार (SONAR) में यह 'Sound Navigation and Ranging' का संक्षिप्ताक्षर होता है तथा इसका उपयोग समुद्र की गहराई जानने में किया जाता है।

                कीड़ों-मकोड़ों को मारने तथा मछलियों को बुलाने में।

                अल्ट्रासोनोग्राफी में मानव के शरीर के अन्दर के विकारों एवं भ्रूण के लिंग की जानकारी में इसका उपयोग किया जाता है।     

      प्रबलता (Loudness) : यह वह संवेदन है जिसके आधार पर प्रबल तथा क्षीण ध्वनि के बीच में अन्तर किया जा सकता है। ध्वनि की प्रबलता माध्यम के किसी बिन्दु पर तल के लम्बवत् एकांक क्षेत्रफल से प्रति सेकेण्ड गुजरने वाली ऊर्जा के बराबर होती है।

                इसका एसआई मात्रक माइक्रोवाट/मीटर2 है जबकि इसका प्रयोगिक मात्रक बेल (Bell) है। एक बेल के 10वें भाग को डेसीबेल (deci bell- dB) कहते है।

                ध्वनि की प्रबलता आयाम पर निर्भर करता है। अधिक आयाम वाले ध्वनि की प्रबलता अधिक होती है।
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