शास्त्रीय संगीत के घराने एवं शैलियाँ

शास्त्रीय संगीत के घराने एवं शैलियां

  • हिंदुस्तानी संगीत का सर्वाधिक प्राचीन घराना 'ग्वालियर घराना' है।
  • किराना घराना, ग्वालियर घराना तथा आगरा घराना यह तीनों हिंदुस्तानी संगीत के घराने हैं।
  • 'ध्रुपद' गायकी के लिए प्रसिद्ध घराना 'ग्वालियर घराना' है।
  • 'बड़े गुलाम अली' "पटियाला घराना" से संबंधित थे।
  • सुप्रसिद्ध ठुमरी गायिका 'गिरिजा देवी' का संबंध 'बनारस घराना' से है।
  • 'पंडित भीमसेन जोशी' हिंदुस्तान गायक हैं।
  • गायन की ध्रुपद शैली का आरंभ 'स्वामी हरिदास' ने किया।
  • वर्तमान समय में हिंदुस्तानी संगीत की सर्वाधिक लोकप्रिय गायन शैली 'खयाल' है।
  • 'ग्वालियर घराने' को 'खयाल' गायकी का जन्मदाता माना जाता है।
  • 'ऋतु वर्मा' का संबंध 'पंडवानी' शैली से है।
  • 'बेगम अख्तर', 'मल्लिका पुखराज', 'पीनाज मसानी' तीनों "गजल गायकी" से संबंधित है।
  • 'शिवराज कुमार', 'बी.जी. जोग', 'अमजद अली खां' तीनों शास्त्रीय गायन से संबंधित है।
  • प्रसिद्ध गायिका 'पीनाज मसानी' 'गजल गायकी' से संबंधित है।
  • 'बेगम अख्तर' कला की 'संगीत विधा' से संबंधित हैं।
  • तानसेन, स्वामी हरिदास तथा बैजू बावरा हिंदुस्तानी संगीत शैली के 'ध्रुपद' रूप से संबंध थे, जिनका प्रभाव संपूर्ण उत्तर भारत में था।
  • 'ध्रुपद', 'तराना', 'धमाल' हिंदुस्तानी संगीत शैली का हिस्सा है।
  • गायन के क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र में गायन का गौरव 'एम.एस सुब्बूलक्ष्मी' को प्राप्त है।
  • 'पुरंदर दास' को "'कर्नाटक संगीत का पितामह'" कहा जाता है।
  • 'त्याग राज' का नाम कर्नाटक संगीत से संबंधित है।
  • शास्त्रीय संगीत 'सामवेद' से लिया गया है।
  • 'अमीर खुसरो' को "गजलों का जनक" कहा जाता है।
  • 'पंडित जसराज' ने 'शास्त्रीय गायन' क्षेत्र में अपनी प्रतिष्ठा स्थापित की है।
  • कर्नाटक संगीत का जनक 'संत पुरंदर दास' को माना जाता है।
  • माइकल जैक्सन 'पॉप संगीत' से संबंधित हैं।
  • 'राग भैरव' या 'राग भैरवी' प्रातः काल में गाया जाता है।
  • 'राग देस' रात्रि के द्वितीय प्रहर में गाया जाता है।
  • भारतखंडे संगीत महाविद्यालय 'लखनऊ' में स्थित है।
  • अमीर खुसरो का नाम 'सितार' वाद्य यंत्र के आविष्कार से संबंधित है।
  • 'राग रागनियों' का प्रथम बार विस्तृत विवेचन नारद के संगीत "मकरंद" में किया गया है।
  • प्रातः काल में गाया जाने वाला राग 'दरबारी' राग है।
  • 'गंगूबाई हंगल' हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की गायिका है।
  • 'उमाकांत' और 'रमाकांत गुंडेचा' बंधु 'ध्रुपद' गायक हैं।
  • 'गंगूबाई हंगल' जिनकी मृत्यु 2009 में हुई थी, प्रसिद्ध हिंदुस्तानी कंठ संगीतज्ञ थी।
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