केले के पत्तों से खाद्य पैकिंग

मुंबई स्थित ऑन माइ ओन टेक्नोलॉजी के छात्रों ने एवरग्रीन नाम की अनोखी  मशीन बनाई है ,जो केले के पत्तों को खाद्य पैकेजिंग में बदल देगी। इस प्रोटोटाइप में खाद्य स्वच्छता को सुरक्षित करने के अलावा किसानों की अतिरिक्त आय को भी सुनिश्चित करने की शक्ति है ।इसकी पैकेजिंग में विभिन्न प्रकार की प्रक्रिया शामिल है। इसमें पाँच लीगो ईवी 3 ईंट,एक ऑर्डिनो यूनो(माइक्रो कंट्रोलर बोर्ड) और एक रास्पबेरी पीआई(क्रेडिट कार्ड आकार का कंप्यूटर) का उपयोग होता है। यह प्रक्रिया केले के पत्तों को काटने से शुरू होती है ,जो प्लेट का उपयोग कर के पत्तों आयताकार टुकड़ों में काटता है। पत्तों की स्कैनिंग के लिए ईट 3 को वायरलेस रूप से सतर्क किया जाता है। केले के पत्तों को रास्पबेरी पी से जुड़े कैमरे के सामने रखा जाता है ।यह पाइथन में लिखे गए एक छवि प्रसंस्करण एल्गोरिदम करके पत्तों को स्कैन करता है और ये खोजता है कि पत्तों में किसी प्रकार का विघटन या पत्ता रोगग्रस्त तो  नहीं  है । इन्हें 30 सेकंड के लिए उबाला जाता है फिर गर्म हवा में सुखाया जाता है ।अल्ट्रावायलेट रोशनी का उपयोग करके निष्क्रिय माइक्रोवेव और फंगस को खत्म किया जाता है। पत्ती को  लेगो फोल्डिंग तंत्र पर रखा जाता है। जब पत्ते पर खाना डालते हैं ,तो यह तंत्र इसकी फ्लैश बंद करके करके इसे  फुंगस आदि रबड़ बैंड में सुरक्षित करता है ।इस प्रकार पैकिंग की प्रक्रिया संपन्न होती है।
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