जानिए किन कारणों से झड़ते हैं आपके बाल ?8

बाल अनेक कारणों से गिरते हैं तथा इनके गिरने के प्रकार भी अनेक होते हैं, जिन्हें एलोपेसिया भी कहा जाता है। आयु बढ़ने के साथ पुरूषों और महिलाओं दोनों में ही बालों की मोटाई और सघनता कम होती जाती है, बालों इस तरह पतला होना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसे इन्वॉजल्यूशनल एलोपेसिया के नाम से जाना जाता है। ऐसा तब होता है जब सामान्य से अधिक मात्रा में बालों के रोमकूप रेस्टिंग फेज में होते हैं और ग्रोथ फेज कम होता है।

बालों के समय से पहले गिरने की आनुवंशिक समस्या को एंड्रोजेनिक एलोपेसिया कहा जाता है, जिसे आमतौर पर पैटर्न बाल्डमनेस के रूप में जाना जाता है। पुरूषों और महिलाओं दोनों में ही बाल गिरने का यह एक सामान्य‍ स्वूरूप है। लेकिन गंजेपन की शुरूआत होने का समय और प्रतिरूप (पैटर्न) लिंग के अनुसार अलग-अलग होते हैं। इस समस्या से परेशान पुरूषों में बाल गिरने की समस्या  किशोर अवस्था से ही हो सकती है, जबकि महि लाओं में इस प्रकार बाल गिरने की समस्या 30 के बाद उत्पन्न, होती है। पुरूषों में इस समस्या को सामान्य रूप से मेल पैटर्न बाल्डानेस के नाम से जाना जाता है, जिसमें हेयरलाइन पीछे हटती जाती है और शीर्ष पर विरल हो जाती है।

महिलाओं में एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया को फीमेल पैटर्न बाल्ड नेस के नाम से भी जाना जाता है। इस समस्याज से पीड़ित महिलाओं में पूरे सिर के बाल कम हो जाते हैं लेकिन हेयरलाइन पीछे नहीं हटती। महिलाओं में एंड्रोजेनिक एलोपेसिया के कारण शायद ही कभी पूरी तरह गंजेपन की समस्या होती है।

स्पांट बाल्डनेस या एलोपेसिया एरिएटा बच्चों और वयस्कों को एकाएक प्रभावित करती है और इसे एक ऑटोइम्यून डिजा़र्डर के रूप में जाना जाता है, जिसमें शरीर ही अपने बालों के रोमकूपों को खत्म करता है। ऐसे 90 प्रतिशत मामलों में, बाल कुछ वर्षों बाद फिर से उग आते हैं।

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