ऊष्मा और प्रकाश

     ऊष्मा -

         ऊष्मा एक ऊर्जा है जिससे हमें वस्तु की गर्माहट का पता चलता है। किसी वस्तु में निहित ऊष्मा उस वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर करती है। इसका मात्रक कैलोरी या जूल है। 1 कैलोरी = 4.186 जूल।

        तापमान वस्तु की गर्माहट अथवा ठंडक का मापक है। किसी वस्तु के ताप को मापने वाला यंत्र थर्मामीटर है। थर्मामीटर 4 तरह के होते हैं- फारेनहाइट, केल्विन, सेल्सियस तथा रयूमर। फारेनहाइट थर्मामीटर से मानव शरीर का ताप नापा जाता है  मानव शरीर का तापमान समानता 98.4 डिग्री फॉरेनहाइट होता है।

        -40 डिग्री ताप पर सेल्सियस तथा फॉरेनहाइट पर समान ताप होता है। ताप के पैमाने को परिवर्तित करने का सूत्र निम्न है -

       C/5=F-32/9

         0 डिग्री सेल्सियस से 4 डिग्री सेल्सियस तक जल का आयतन घटता है और 4 डिग्री सेल्सियस के बाद आयतन में वृद्धि होती है। जल का घनत्व 4 डिग्री सेल्सियस पर सर्वाधिक होता है। थर्मामीटर में पारे का प्रयोग होता है। पारे का हिमांक - 40 डिग्री सेल्सियस होता है। निम्न तापमापी थर्मामीटर में अल्कोहल का प्रयोग किया जाता है।

  प्रकाश -

           प्रकाश विद्युत चुंबकीय तरंगों के रूप में संचरित होता है। प्रकास उर्जा के कारण ही हम वस्तुओं को देख पाते हैं। यह अनुप्रस्थ तरंग भी है। वायु तथा निर्वात में प्रकाश की गति सर्वाधिक होती है। निर्वात में प्रकाश की गति 3×10की मीटर प्रति सेकंड है। प्रकाश के वेग की गणना सर्वप्रथम रोमर ने की थी।

         1 प्रकाश वर्ष = 9.46×1015  मीटर 

         1 पारसेक = 3.06×1016  मीटर 

          सूर्य से पृथ्वी तक प्रकाश आने में 8.9 सेकंड लगते हैं जबकि पृथ्वी से परावर्तित प्रकाश चंद्रमा तक पहुंचने में 1.28 सेकंड का समय लागता है। प्रकाश सात रंगों से बना है लाल रंग के प्रकाश का प्रकीर्णन सबसे कम जबकि बैंगनी का सर्वाधिक होता है।

Posted on by