भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन भाग - 4

निष्कर्ष -

               इस प्रकार कांग्रेस की स्थापना एक दीर्घकालीन प्रक्रिया का परिणाम थी विभिन्न राजनीतिक संगठनों के परिणाम स्वरुप भारत में राष्ट्रीयता की भावना तेजी से विकसित हुई समाज के विभिन्न तबके के लोगों अपने हितों की सुरक्षा के लिए आंदोलन एवं संगठन का रास्ता बना रहे थे आवश्यकता इस बात की थी कि इन सभी प्रयासों को एकबद्ध एवं संगठित कर किसी राष्ट्रीय संस्था की स्थापना की जाए और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना से आवश्यकता पूरी हुई जहां तक सेफ्टी वस्तु सिद्धांत के तहत ह्यूम द्वारा कांग्रेस की स्थापना का प्रश्न है तो यह मत स्वीकार करने योग्य नहीं है बल्कि भारतीयों ने ह्यूम का प्रयोग कांग्रेस की स्थापना में तड़ित चालक के रूप में किया किस प्रकार कांग्रेस की स्थापना किसी एक व्यक्ति के मस्तिष्क की उपज नहीं बल्कि अनेक व्यक्तियो संगठनों के सम्मिलित प्रयासों एवं भारतीयों के अंदर जाग रहे राष्ट्रवादी भावना का स्वाभाविक प्रतिफलन था । 

कांग्रेस के प्रति विभिन्न वर्गों की प्रतिक्रिया -

                                                          व्यापारी वर्ग -

    कांग्रेस के प्रति व्यापारियों का दृष्टिकोण से सहयोगात्मक रहा ज्यो ज्यो यह वर्ग अपनी स्थाई आवश्यकताओ  के विषय में जागरूक होता गया और यह देखने लगा कि किस प्रकार ब्रिटिश सरकार उसकी पूर्ति में बाधक बन रही है त्यो - त्यो वह कांग्रेस की तरफ खींचता चला गया क्योंकि कांग्रेस देश के आर्थिक विकास के लिए इच्छुक थी ।

             

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