दूसरे दशक में मराठी भाषी हरिश्चंद्र सखाराव भाट वाडेकर उर्फ दादा साल्वे ने फिल्म बनाने की शुरुआत कीl मगर कहानी पर आधारित फिल्म बनाने का श्रेय दादा साहब फाल्के को जाता है सन 1912 में आर .जी. तोरणे की प्रथम थिएटिकल फिल्म पुंडलिक प्रदर्शित हुईl पहले पहल मुंबई में फिल्म निर्माण शुरू हुआ सन 1913 में भारत में भारतीय फिल्म का श्रीगणेश हुआ जिस के जनक थे मराठी भाषी धुंडीराज गोविंद फाल्के (दादा साहब फाल्के) फिल्म थी राजा हरिश्चंद्र lयह फ़िल्म गूंगी फिल्म थीl सन 1914 में ही आर्देशिर ईरानी के साथ मिलकर अब्दुल अली युसूफ अली ने मुंबई में नाम से सिनेमा हाल बनाया जो मात्र टीन का छप्पर था l सन 1918 में मैजेस्टिक सिनेमा मुंबई में होने वाली पहली भारतीय फिल्म दादा साहब फाल्के ने बनाई थी दादा साहब फाल्के की दूसरी मां दुर्गा और मोहिनी दो इस्त्री कलाकार थी फिल्मों की पहली स्त्री कलाकार होने का श्रेय उन्हीं को जाता है 18 वर्ष तक देश में गूंगी फिल्मे बनती रही lसन 1920 मैं बाबूराव पेंटर ने अपनी फिल्म वत्सला हरण के लिए पहली बार सिनेमा पोस्टर जारी किया थाl