ताप बढ़ाकर ठोस द्रव अवस्था में और दरों को गैसी अवस्था में परिवर्तित किया जा सकता है जो किताब उठाकर गैस को द्रव अवस्था में और द्रव का ठोस अवस्था में परिवर्तित किया जा सकता है ।
*गलन-- वह प्रकरण जिसमें गर्म करने पर ठोस पदार्थ धर्म में परिवर्तित होता है गलन कहलाता है।
* वह ताप जिस पर ठोस पदार्थ निकलता है और वह मंडी के ताप पर द्रव में प्रतीत होता है पदार्थ का गलनांक कहलाता है । जैसे 0० C ताप पर बर्फ पिघल कर जल बनता है, इसलिए बर्फ का गलनांक 0० C है।
* विन विन दोषों के भिन्न-भिन्न गलनांक होते हैं जैसे बर्फ का गलनांक जीरो डिग्री सेल्सियस है ओम का गलनांक 63 डिग्री सेल्सियस है,जबकि लोहे का गलनांक 1535 डिग्री सेल्सियस है।
* किसी ठोस का गलनांक उसके कणों के बीच आकर्षण बल की माप है ठोस पदार्थ का गलनांक जितना अधिक होगा उसके कणों के बीच आकर्षण बल उतना ही अधिक होगा।
*क्वथन--- वह प्रक्रम जिसमें गर्म करने पर द्रव पदार्थ तीव्रता से गैस में परिवर्तित होता है क्वथन कहलाता है।
* वह तब जिस पर द्रव बोलता है और वह मंडली दाब पर तीव्रता से गैस में प्रतीत होता है तब का क्वथनांक कहलाता है।
* भिन्न भिन्न धर्मों के भिन्न-भिन्न कुछ ना होते हैं कैसे अल्कोहल का अपवर्तनांक 78 डिग्री सेल्सियस है जल का क्वथनांक 100 डिग्री सेल्सियस है ईपी पारे का क्वथनांक 357 डिग्री सेल्सियस है।