यूरोपीय वाणिज्य का प्रारंभ (आधुनिक इतिहास)

*   यूरोप और भारत के बीच व्यापारिक संबंध प्राचीन काल में यूनानीयों के साथ प्रारंभ हुए थे।

*   मध्य काल भारत से यूरोप का व्यापार कई मार्गो से होता था। इसके कुल तीन मार्ग थे।

*   सबसे प्रसिद्ध मार्ग लाल सागर से होकर जाता था।

*   1486 में पुर्तगाली नावीक बार्थलोम्युूडेज  ने उत्तमाशा अंतरीप खोज निकाला था।

*   स्पेन की सहायता से इटली का नाविक कोलंबस ने 1492 में अटलांटिक महासागर की जोखिम पूर्ण यात्रा प्रारंभ की और 1494 अमेरिका महाद्वीप की खोज की।

*   1498 में वास्कोडिगामा ने उत्तमाशा अंतरीप का चक्कर काटकर भारत के कालीकट बंदरगाह में प्रवेश किया।

*   इन समस्त खोजों का एकमात्र उद्देश्य  व्यापारिक मार्गों की जानकारी तथा आर्थिक लाभ कमाना था।

*   भारत से भेजी जाने वाली वस्तुएं नील, सूती वस्त्र मसाला, जड़ी बूटियां इटयादि। 

*   गुजरात से भारी मात्रा में सूती कपडों का निर्माण होता था।

*   इस समय भारत के  समूचे व्यापार को करने वाला कोरोमंडल का चेटटयार संप्रदाय था  इनके सेाथ चोलिया मुसलमान भी व्यापार में थे।

*   पंद्रहवीं शताब्दी में कुतुबनुमा का आविष्कार हुआ था।

*   नयेे व्यापारिक मार्गों की खोज में पुर्तगाली अग्रणी थे  और तो पुर्तगाल के राजकुमार  प्रिंस हेनरी (the navigated) का अत्याधिक योगदान था।

*   पुर्तगालियों द्वारा 1608 इसवी में भारत में तंबाकू लाई गई लेकिन जहांगीर के समय में उत्तर भारत में प्रचलित हुई।

*   अनानास, पपीता, बादाम, काजू, मूंगफली, लीची, संतरा पुर्तगालियों की देेन रही।

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