पुर्तगाली और डच (आधुनिक इतिहास)

पुर्तगाली -

*   मई 1498 ई. में वास्कोडिगामा कालीकट के समुद्र तट पर कप्पकाडाबुू नामक स्थान पर उतरा। इस समय यहां के रााजा जमोरिन ने इसका हार्दिक स्वागत किया तथा मसाले और जड़ी बूटी ले जाने की अनुमति प्रदान की।

*   इस समय पुर्तगाल का शासक मैनुअल प्रथम और पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन समस्त यूरोपीय व्यापार का केंद्र बन गया।

*   1502 में वास्कोडिगामा भारत आया और 1502 में ही पुर्तगालियों ने कोचीन में फैक्ट्री बनाई जो भारत में उनकी पहली फैक्ट्री थी।

*   प्रथम पुर्तगाली गवर्नर फ्रांसिस्को-डी-अलमीड़ा गवर्नर के रूप में नियुक्त किया गया और भारत भेजा यहां इसने नीले पानी की नीति अपनाई।

*   दूसरा पुर्तगाली गवर्नर अलफांसो-डे-अल्बूकर्क हुआ इसे भारत में पुर्तगाली सत्ता का वास्तविक संस्थापक माना जाता है इसने कोचीन को अपना मुख्यालय बनाया।

*   तीसरा पुर्तगाली गवर्नर नेू-नोद-कुन्हा था।

*   पुर्तगाली अपने आप को सागर का स्वामी कहते थे।

डच-

*   डच हालैंड या नीदरलैंड के निवासी थे।

*   1595-96 में कार्नेलियस हाउटमैन के नेतृत्व में पहला टच अभियान भारत के पूर्वी जगत पहुंचा।

*   1602 ई. में विभिन्न डच कंपनियों को मिला कर 'यूनाइटेड ईस्ट इंडिया कंपनी ऑफ नीदरलैंड' के नाम से एक व्यापारी संस्था का निर्माण हुआ। इससे डच ईस्ट इंडिया कंपनी के नाम से भी जाना जाताा है।

*   डच ने 1605 ई. में मुसली पत्तम में प्रथम डच फैक्ट्री की स्थापना की।

*   बंगाल में प्रथम डच फैक्ट्री की स्थापना पिपली में 1627 ई. में की। इन्होंने हुगली नदी के निकट चिनसुरा में अपनी फैक्ट्री स्थापित की। 

*   यहां के किले को गुस्ताउस फोर्ट कहते है।

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