Newton's third law of motion and momentum

  न्यूटन के गति के तृतीय नियम -

 न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार प्रत्येक क्रिया के बराबर तथा विपरीत दिशा में एक प्रतिक्रिया होती 

  •  फर्श पर चलने से हम पंजों से फर्श को पीछे धकेल देते हैं
  • बिना पकड़े लकड़ी के गुटके में छिद्र करना मुश्किल है
  • घोड़े का गाड़ी खींचना।
  • बंदूक से गोली चलाने पर पीछे की तरफ धक्का लगना
  • किसी व्यक्ति का किनारे लगी नाव  कूदना यह सब न्यूटन के तीसरे नियम के उदाहरण है।

संवेग -

 किसी वस्तु के द्रव्यमान तथा वेग के गुणनफल को उस वस्तु का संवेग कहते हैं संवेग की अवधारणा न्यूटन ने दी। यह एक सदिश राशि है।

  • संवेग = द्रब्यमान × वेग
  •   P  = mv

आवेग - 

यदि कोई बल किसी वस्तु पर अल्प समय के लिए कार्य करें, तो बल तथा समय के गुणनफल को आवेग कहते हैं। अर्थात

आवेग = बल × समय = संवेग में परिवर्तन

                      I = F × t

  • SI में इसका मात्रक newton second या किग्रा मीटर से 1 होता है। 

गुरुत्वीय बल -

  •   यह ब्युत्क्रम वर्ग के नियम का पालन करता है।
  • यह सदैव आकर्षण बल होता है ।
  • यह सबसे कमजोर बल है परन्तु इसकी परास बहुत अधिक है।यह केन्द्रीय तथा संरक्षी बल है। 

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