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भारतीय कृषि अनुंसधान परिषद (आईसीएआर) की गणतंत्र दिवस परेड - 2019 में प्रस्तुत झांकी ‘किसान गांधी’ को प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
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रक्षा मंत्री श्रीमती निर्मला सीता रमण ने नई दिल्ली में आईसीएआर की टीम को पुरस्कार प्रदान किया। आईसीएआर की झांकी में डेयरी फार्मिंग के महत्व, देसी नस्लों का इस्तेमाल और ग्रामीण समृद्धि के लिए पशुधन आधारित जैविक कृषि दिखाई गई।
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आईसीएआर की झांकी ‘किसान गांधी’ में ग्रामीण समुदाय की समृद्धि के लिए कृषि और पशुधन सुधारने के गांधी जी के विजन को दिखाया गया।
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गांधीवादी दर्शन में स्वदेशी नस्लों, जैविक कृषि और बेहतर स्वास्थ्य के लिए बकरी के दूध को प्रोत्साहन शामिल है।
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गांधी जी के सपनों को साकार करने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद अथक रूप से भारतीय कृषि को बदलने की दिशा में काम कर रही है ताकि पशुधन सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और अन्नदाता किसानों की आय बढ़ सके।
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भारत ने अत्याधुनिक विज्ञान और टेक्नालाजी का विकास और उपयोग करके खाद्य आत्मनिर्भरता में सफलता प्राप्त की है और भारत विश्व में दूध और कपास का सबसे बड़ा उत्पादक है।
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झांकी में बापू को बकरी और गाय के साथ दिखाया गया है। झांकी में जैविक कृषि, कपास तथा दुग्ध उत्पादन में क्रांति और बेहतर स्वास्थ्य के लिए खाद्य सुरक्षा विश्लेषण को दिखाया गया है। कस्तूरबा गांधी को चरखा चलाते हुए और वर्धा आश्रम की बापू कुटी में पशुओं की देखभाल करते हुए दिखाया गया है। यह आजीविका आधारित सतत और जलवायु परिवर्तनरोधी कृषि का संकेत देती है।