प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी , 2019 को प्रवासी भारतीय दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री प्रवासी तीर्थ दर्शन योजना , 2019 ( PM Pravasi Tirth Darshan Yojana 2019 ) की शुरुआत की है ।इस योजना के तहत , भारतीय प्रवासियों के समूह भारत के विभिन्न धार्मिक स्थानों की यात्रा कर सकते हैं ।लोग प्रवासी तीर्थ दर्शन योजना 2019 ( PM Pravasi Tirth Darshan Yojana 2019 ) के तहत इस आध्यात्मिक यात्रा का लाभ एक वर्ष में 2 बार ले सकते हैं ।भारतीय मूल के 40 लोगों का पहला जत्था जो प्रवासी भारतीय दिवस ( Pravasi Bharatiya Diwas ) पर उपस्थित था , वहाँ से उन्होंने भारत के आध्यात्मिक स्थानों की यात्रा शुरू की थी ।
इससे प्रवासी भारतीयों ( NRI ) को देश की संस्कृति और धर्म के बारे में जानने में मदद मिलेगी ।इसके अलावा यह योजना जहाँ एक तरफ पर्यटन को बढ़ावा देगी , वहीं दूसरी ओर भारत के सकल घरेलू उत्पाद ( GDP ) में वृद्धि पर भी एक. प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में काम करेगी ।
इस यात्रा के दौरान प्रवासी भारतीयों को केंद्र सरकार द्वारा सभी बुनियादी सुविधाएँ प्रदान की जाएंगी ।इस योजना का मुख्य उद्देश्य लोगों को भारत की ताकत “ अनेकता में एकता " ( Unity in Diversity ) के बारे में समझाना है ।
प्रधानमंत्री प्रवासी तीर्थ दर्शन योजना | 2019 के महत्त्वपूर्ण बिंदुः
इस योजना के तहत , प्रवासी भारतीयों को सभी प्रमुख धर्मों के धार्मिकस्थानों पर ले जाया जाएगा ।
इस योजना के तहत यह यात्रा पूरी तरह से सरकार द्वारा प्रायोजित होगी । अपने देश से हवाई यात्रा सहित सभी खर्च सरकार द्वारा वहन किए जायेंगे ।
इस योजना का लाभ केवल 45 वर्ष से 65 वर्ष के प्रवासी भारतीय नागरिक ही उठा सकते हैं ।
• इस सरकारी योजना की पहली प्राथमिकता मॉरीशस , फिजी , सूरीनाम , गुयाना , त्रिनिदाद एवं टोबैगो तथा जमैका जैसे ' गिरमिटिया देशों के लोगों को दी जाएंगी ।
• प्रधानमंत्री प्रवासी तीर्थ दर्शन 25 दिनों का कार्यक्रम है ।
प्रधानमंत्री प्रवासी तीर्थ दर्शन योजना 2019 का मुख्य उद्देश्यः
प्रवासी भारतीयों ( NRI ) को देश की संस्कृति और धर्म के बारे में जानकारी प्रदान करना है।
देश के पर्यटन और सकल घरेलू उत्पाद ( GDP ) को बढ़ावा देना ।
दुनिया भर में भारतीय संस्कृति और धर्म को बढ़ावा देना ।
यह योजना भारत के आध्यात्मिक स्थानों को बढ़ावा देने में प्रमुख भूमिका निभाएगी ।