योजना के निर्माण में राज्यों की भागीदारी होनी चाहिए इस विचार को स्वीकार करते हुए सरकार के एक प्रस्ताव द्वारा 6 अगस्त 1952 को राष्ट्रीय विकास परिषद नामक संस्था का गठन किया गया। इस परिषद का अध्यक्ष प्रधानमंत्री होता है योजना आयोग का सचिव ही इसका सचिव होता है। भारतीय संघ के सभी राज्यों के मुख्यमंत्री एवं योजना आयोग के सभी सदस्य इस के पदेन सदस्य होते हैं।
राष्ट्रीय विकास परिषद का मुख्य कार्य केंद्र व राज्य सरकार और योजना आयोग के बीच सेतु की तरह कार्य करना होता है ।संविधान के अनुच्छेद 280 में वित्त आयोग के गठन का प्रावधान किया गया है । वित्त आयोग के गठन का अधिकार राष्ट्रपति को दिया गया है। वित्त आयोग में राष्ट्रपति द्वारा एक अध्यक्ष एवं चार सदस्य नियुक्त किए जाते हैं।
राज्य वित्त आयोग का गठन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 (1) के द्वारा किया जाता है ।पहला वित्त आयोग 1951 में गठित किया गया था जिसकी अवधि 1952 से 1957 तक थी और इसके अध्यक्ष के सी नियोगी थे।
15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह होंगे और इसका कार्यकाल 2020 से 2025 तक होगा।
14वां वित्त आयोग 2013 में किया गया जिसका कार्यकाल 2015 से 2020 तक है और इसके अध्यक्ष वाई वी रेड्डी हैं।