work and power

कार्य -

  •  किसी वस्तु पर पर लगा कर बल की दिशा में विस्थापन को कार्य कहते हैं।
  • S.I. पद्धति में कार्य का मात्रक जूल होता है
  • जब कोई वस्तु स्वतंत्र रूप से गुरुत्व के अधीन गिरती है 
  • जब कोई घोड़ा समतल सड़क पर गाड़ी को खींचता है तो धनात्मक कार्य होता है
  •  जब कोई वस्तु एक खुदरी सतह पर फिसलती है
  • जब एक आवेशित कण दूसरे आवेशित कण की ओर जाता है तो ऋण आत्मक कार्य होता है
  • जब एक कुली सिर पर बोझा लिए समतल प्लेटफार्म पर चलता है जब वस्तु वृत्त पर एक पूरा चक्कर लगाती हैं
  • जब एक व्यक्ति अधिक बुझा लिए हुए अपने स्थान से विस्थापित नहीं होता है। 

सामर्थ्य -

कार्य करने की दर को सामर्थ्य कहते हैं

  • यदि  t समय में किया गया कार्य W हो तो सामर्थ्य एस. आई पद्धति में समर्थ का मात्रक जूल प्रति सेकंड अथवा वाट होता है

उर्जा -

 किसी वस्तु के कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं यह अदिश राशि  है तथा इसका मात्रक जूल है ऊर्जा के कई रूप होते हैं उदाहरण के लिए यांत्रिक, ऊर्जा ऊष्मीय ऊर्जा, ध्वनि ऊर्जा, प्रकाश ऊर्जा, आदी

यांत्रिक ऊर्जा दो प्रकार की होती है

गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा 

Posted on by