सार्स स्वास्थ्य संबंधी तीव्र बीमारी है वैश्विक स्वास्थ्य अधिकारी स्वास्थ्य संबंधी एक नए विशाल पर गहरी नजर रखे हैं जो सार्स जैसा है समझा जाता है कि यह विषाणु से सऊदी अरब में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई है।
यह रोगाणु एक कोरोना वायरस है जो ऐसे विषाणु परिवार से हैं जिसके कारण लोग सामान्यता जुखाम और सार्स के शिकार हो जाते हैं। सांस संबंधित बीमारी है जिससे वर्ष 2003 के दौरान विशेषकर एशिया में लगभग 800 लोगों की मृत्यु हो गई थी।
ताजा मामले को लेकर ब्रिटिश अधिकारियों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को सचेत कर दिया है लंदन में इस विषाणु से पीड़ित जिस व्यक्ति का उपचार चल रहा है उसे कतर से इलाज के लिए ही लंदन भेजा गया था उसने हाल ही में सऊदी अरब की यात्रा की थी और गुर्दा खराब हो जाने के बाद उसे फिलहाल गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि मरीज में मिला यह विषाणु सऊदी अरब के उस 60 वर्षीय बुजुर्ग के विषाणु से मिलता है जिसकी इस साल के शुरू में मृत्यु हो गई थी।
इसके उपचार के लिए एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग किया जाता है अनुशंसा करता है कि यह रोगियों के इलाज के लिए atypical निमोनिया में प्रयोग की दवा का प्रयोग किया जाएगा है।
अभी तक सार्स का इलाज काफी हद तक एंटीपायरेटिक अनुपूरक ऑक्सीजन के साथ किया जा रहा है
सार्स के नियंत्रण के लिए एक अच्छी खबर यह है कि इस पर नियंत्रण हो रहा है हालांकि अभी इससे पूर्ण बचाव के लिए ना तो कोई दवा है और ना ही कोई वैक्सीन है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि सार्स बीमारी से एक सीख मिलती है कि इस तरह की बीमारी के वायरस तेजी से पूरी दुनिया में फैल सकते हैं संगठन के अनुसार क्या एक तरह से आने वाले समय के लिए चेतावनी है।