प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के विषय में जानकारी

⚫ 1 फरवरी , 2019 को वित्त मंत्री अरुण जेटली की अनुपस्थिति में वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सँभाल रहे पीयूष गोयल ने एनडीए सरकार का अंतरिम बजट पेश किया ।इसके अंतर्गत सरकार ने मजदूरों के लिए एक नई पेंशन योजना की घोषणा की है जो प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना के नाम से जानी जाएगी ।मोदी सरकार के अंतरिम बजट में असंगठित क्षेत्र से संबंध रखने वाले सभी कर्मचारियों और मजदूरों को ध्यान में रखते हुए राहत प्रदान करने के लिए इस सरकारी योजना की शुरुआत की गई है ।सरकार ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सौगात देते हुए उनके लिए पेंशन ( पीएमएसवाईएम ) स्कीम का ऐलान किया है ।

⚫  योजना के मुख्य बिन्दुः 

⚫   प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना , असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए शुरू की गई है ।अत : अब 60 साल की उम्र पार करने वाले सभी ' असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को इस योजना के तहत पेंशन प्राप्त होगी ।
   
⚫ भुगतान राशिः योजना का लाभ लेने के लिए इसमें पहले भुगतान करना पड़ेगा जो |

⚫ इस प्रकार हैं : 

⚫ 5 यदि कोई व्यक्ति 29 वर्ष की आयु में इस पेंशन योजना में दाखिल होता है तो उसे 60 वर्ष की आयु तक हर माह 100 रुपये का योगदान देना होगा ।इससे 60 वर्ष की आयु के बाद उसे हर माह 3 , 000 रुपये की पेंशन मिलेगी ।

⚫ यदि कोई व्यक्ति 18 वर्ष की आयु में प्रवेश करता है तो उसे हर माह 55 रुपये का योगदान देना होगा ।इससे 60 वर्ष की आयु के बाद उसे हर माह 3 , 000 रुपये की पेंशन मिलेगी ।
 
⚫ सरकार का योगदानः सरकार हर कर्मचारी के पेंशन खाते में प्रति माह बराबर की राशि का अंशदान करेगी ।

⚫ लाभः इस योजना से लगभग 10 करोड़ असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को लाभ होगा ।

⚫ विशेषः यह योजना आगामी पाँच साल में असंगठित क्षेत्र के लिए विश्व की सबसे बड़ी पेंशन योजना बन सकती है ।

⚫ इस प्रकार यह योजना असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों व मजदूरों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है ।इस योजना के द्वारा रिटायरमेंट के बाद इन लोगों को अपना जीवन यापन करने में सहुलियत मिलेगी और कुछ हद तक आराम से जीवन व्यतीत हो जायेगा ।इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार की ओर से कुछ शर्ते रखी गई हैं ।इस योजना के दायरे में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की मासिक आय ज्यादा से ज्यादा 15 , 000 रुपये तक हो ।सरकार की ओर से अंतरिम बजट में इस योजना के लिए 500 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है ।भारत सरकार ने बताया कि इस योजना को वित्तीय वर्ष 2019 - 20 में लागू कर दिया जाएगा ।

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