अटल विमित व्यक्ति कल्याण योजना- कर्मचारी राज्य बीमा निगम सितंबर 2018 को कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948 के दायरे में आने वाले विमित व्यक्तियों के लिए अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना को मंजूरी दे दी।
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार की अध्यक्षता में आयोजित कर्मचारी राज्य बीमा निगम बोर्ड की 175 में बैठक में यह फैसला लिया गया।
इस योजना के अंतर्गत जो कर्मचारी किसी कारणवश नौकरी से अलग हो जाते हैं उनको अगले 3 महीने तक केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय आर्थिक सहायता सहयोग देगा। इस योजना के तहत बेरोजगारी के दौरान और नया रोजगार मिलने तक राहत राशि सीधे बीमित व्यक्ति के खाते में भेज दी जाएगी।
यह सुविधा उन व्यक्तियों को भी उपलब्ध होगा जो नए रोजगार की तलाश में है। पहले 2 वर्ष की सेवा वाले व्यक्ति को सुपर स्पेशलिस्ट ट्रीटमेंट की सुविधा उपलब्ध थी जो अब 6 महीने की सेवा वाले कर्मचारी को भी उपलब्ध होगी। इस सुविधा का लाभ उन कर्मचारियों को भी मिलेगा जिन्होंने बीमा के लिए केवल 78 दिनों का योगदान किया है।
कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने कर्मचारियों के प्रति व्यक्ति ₹10 की प्रतिपूर्ति के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है, जिप्सी की श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों के कर्मचारी राज्य बीमा निगम डेटा बेस के आधार के जोड़े जाने को प्रस्तावित किया जा सके।
यह कदम एक ही बीमित व्यक्ति के विविध पंजीकरण में कमी लाएगा तथा दीर्घकालीन अंशदाई स्थितियों के लिए आवश्यक लाभ उठाने में उन्हें सक्षम बनाएगा। इसके अतिरिक्त विमित व्यक्तियों के आश्रितों के लिए सुपर स्पेशलिस्ट उपचार का लाभ उठाने की अहर्ता में छूट देकर अब इसे 1 वर्ष की बीमा योग्य रोजगार तक घटा दिया गया है, जिसने 156 दिनों का अंशदान होगा। दीक्षित से विमित व्यक्तियों एवं उनके लाभार्थियों को संशोधित अहर्ता के अनुसार निशुल्क सुपर स्पेशलिटी उपचार प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
कर्मचारी राज्य बीमा निगम बीमित व्यक्तियों की मृत्यु पर भुगतान किए जाने वाले अंत्येष्टि जैन बढ़ोतरी कर इसे वर्तमान₹10000 से बढ़ाकर ₹15000 करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।