* गुरु नानक सिक्खों के प्रथम गुरु थे। ये बाबर एवं हुमायूँ के समकालीन थे। इनका जन्म तलवंडी तथा मृत्यु करतारपुर में हुई।
* गुरु नानक ने अपनी मृत्यु के समय अपने शिष्य लहना को गुरु की गद्दी प्रदान की और उसका नाम अंगद रखा। अंगद नहीं लंगर व्यवस्था को स्थाई बना दिया।
* अगले गुरु अमरदास हुए इन्होंने एक पानी की बावड़ी का निर्माण कराया। इसके पानी के बारे में कहावत है कि यह सभी बीमारियों को दूर करती है।
* हिंदुओं में पृथक विवाह पद्धति चलाई इसे लवन कहा गया।
* अकबर ने गुरु की पुत्री बीबीभानी के नाम से कई गांव प्रदान किए। गुरु अमरदास अपनी मृत्यु से पहले बीबीभानी के पति रामदास को गुरु का पद प्रदान किया।
* गुरु रामदास के समय में अकबर ने 500 बीघा भूमि दान में दी। गुरु रामदास ने हीं इसी जमीन पर अमृतसर शहर बसाया लेकिन बाद में इसका नाम रामदास पुर पड़ा।
* गुरु रामदास ने अपने पुत्र अर्जुन को अपना पद सौंपा और इन्होंने ही गुरु के पद को पैतृक बनाया।
* गुरु अर्जुन ने रामदास पुर नगर का निर्माण कार्य पूरा कराया और उसमें अमृतसर एवं संतोषसर नामक दो तालाब बनवाये।
* अमृतसर के मध्य हरि मंदिर बनवाया और इसे तीर्थ रूप में परिवर्तित कर दिया। गुरु अर्जुन ने हीं अपने प्रतिनिधियों को मनसद और मेउरा पुकारा और इन्होंने ही तरन-तारन नामक नगर बसाया।
* इन का मुख्य कार्य आदि-ग्रंथ की रचना थी। जहांगीर ने इन्हें 1606 ई. में मृत्युदंड दे दिया था।