सिक्ख (भाग-2)

*    गुरु हर गोविंद सिंह ने सिक्खों में सैनिक भावना, सैनिक शिक्षा एवं सुरक्षा के लिए शस्त्र धारण करने की क्रिया को प्रारंभ किया। इन्होंने अपने अनुयायियों से धन की जगह घोड़े एवं स्वस्थ लेना प्रारंभ किया और मांस खाने की आज्ञा दी।

*    इन्होंने ने ही 12 फीट ऊंचा तख्त-अकाल-बंगा का निर्माण कराया और दरबार में नगाड़ा बजाने की व्यवस्था की तथा अमृतसर शहर की किलेबंदी करवाई।जहांगीर ने इनको 2 वर्ष तक बंदी बना रखा।

*    गुरु हर राय को जब औरंगजेब ने दिल्ली में उपस्थित होने को कहा तो इन्होंने अपने पुत्र रामराय को उसके दरबार में भेज दिया।

*    गुरु हर किशन ने अपनी गद्दी देहरादून में स्थापित की।

*    गुरु तेग बहादुर को 1675 ई. में औरंगजेब द्वारा 5 दिनों तक की यातनाओं के बाद वध कर दिया जाता है।

*    गुरु गोविंद सिंह जो गुरु तेग बहादुर के एकमात्र पुत्र थे। इनका जन्म पटना में 1668 में हुआ था। इनकी दो पत्नियां थी सुंदरी और जीतू। इन दोनों से इनके चार पुत्र हुए।

1. अजीत सिंह,

2. बुझार सिंह,

3. जोरावर सिंह,

4. फतेह सिंह।

*    गुरु गोविंद सिंह ने कृष्ण अवतार को  पूर्ण किया और 1699 में खालसा की स्थापना केी।

*    सिखों का प्रथम राजनीतिक नेता बंदा बहादुर था। जिसके बचपन का नाम लक्ष्मण देव था। उसके बाद इसने अपना नाम बदलकर माधवदास रख लिया। 1716 ई. में फर्रूखसियर के समय में इसकी हत्या कर दी गई।

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