संगीत नाटक अकादमी, भारत सरकार द्वारा स्थापित संगीत, नृत्य एव नाटक की राष्ट्रीय अकादमी है। 31 मई, 1952 को इसका गठन किया गया था। 11 सितंबर, 1961 को इसका पुनर्गठन समिति पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत एक सोसायटी के रूप में किया गया।
प्रदर्शन कला में विशेषज्ञता प्राप्त शीर्ष संस्था के रूप में अकादमी प्रदर्शन कला से संबंधित नीतियां और कार्यक्रम बनाने में भारत सरकार को परामर्श और सहयोग प्रदान करती है।
अकादमी भारत के विभिन्न क्षेत्रों और भारत व विश्व के बीच सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी भी निभाती है।
अकादमी देश में संगीत, नृत्य व नाटक के क्षेत्र में भारत की विभिन्न श्रेणियों की विस्तृत अमूर्त परंपराओं के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए प्रतिबद्ध संस्था है। इन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए अकादमी भारत सरकार और विभिन्न राज्यों और संघशासित क्षेत्रों तथा प्रमुख सांस्कृतिक संस्थाओं में सामंजस्य स्थापित करती है।
1959 में अकादमी के अधीन स्कूल नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा की स्थापना की गई थी जो अब एक स्वायत्त संस्थान है।
इंफाल स्थित, जवाहरलाल नेहरू मणिपुर डांस अकादमी (1954) और नई दिल्ली स्थित कथक केंद्र (1964) अकादमी के अधीन स्थापित नृत्य प्रशिक्षण के लिए समर्पित संस्थान हैं।
अकादमी शिक्षण, प्रदर्शन, संगीत, नृत्य और थियेटर के प्रदर्शन और उनके प्रचार - प्रसार में जुटी स्थितियों के कामों के लिए आर्थिक सहायता देती हैं।
यह प्रदर्शन कला से संबंधित अनुसंधान, प्रकाशन और प्रकाशन के लिए अनुदान देती है, संबंधित विशिष्ट विषयों के सेमिनार और कॉन्फ्रेंस का आयोजन करती है व संगीत, रंगमंच, नृत्य से संबंधित अभिलेखों के लिए अभिलेखागार का प्रबंधन करती है।
संगीत नाटक अकादमी भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन पूर्ण रूप से वित्तपोषित स्वायत्त संस्था है।