राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के विषय में जानकारी

हाल ही में गोवंश के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए ‘ राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के गठन के प्रस्ताव को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है ।भारत सरकार ने कहा है कि राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के गठन से देश में गोवंश के संरक्षण , सुरक्षा और संवर्द्धन के साथ उनकी संख्या बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा ।इसमें स्वदेशी गायों का संरक्षण भी शामिल है ।

           संसद में पेश 2019 - 20 के अंतरिम बजट में इस आयोग के गठन का प्रस्ताव किया गया था ।इसका उद्देश्य देश में गोवंश के विकास एवं संरक्षण के लिए नीतिगत व्यवस्था एवं दिशा प्रस्तुत करना है ।आयोग यह भी देखेगा कि देश में गो - कल्याण के लिए नियमों और कानूनों का किस तरह से समुचित अनुपालन सुनिश्चित किया जा सकता है ।केंद्र सरकार ने अंतरिम बजट में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के लिए बजट आवंटन को बढ़ाकर 750 करोड़ रुपये कर दिया है ।
        
 प्रमुख तथ्य 
        राष्ट्रीय कामधेनु आयोग की स्थापना से देश में स्वदेशी गाय सहित गायों को संरक्षण , सुरक्षा और विकास को बल मिलेगा ।इसके परिणामस्वरूप देश में पशुधन क्षेत्र का तीव्र विकास होगा , जिसका लाभ विशेष रूप से महिलाओं और छोटे एवं सीमांत किसानों को मिलेगा । 

  राष्ट्रीय कामधेनु आयोग गायों के प्रजनन , पालन , जैविक खाद और बायोगैस आदि के क्षेत्र में कार्यरत केन्द्र और राज्य सरकार के विभागों और संगठनों तथा पशु चिकित्सा , पशु विज्ञान और कृषि विश्वविद्यालियों के |साथ मिलकर कार्य करेगा ।

  गौवंश के संरक्षण , सुरक्षा और विकास के लिए राष्ट्रीय कामधेनु आयोग की स्थापना से देश में गाय के संरक्षण हेतु नीतिगत ढाँचा और दिशा मिलेगी और इससे गायों के कल्याण के लिए कानूनों का उचित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा ।

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