हाल ही में अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी बोईंग ने भारतीय वायुसेना के लिए चार चिनूक सैन्य हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति की है ।भारत को कुल 15 और चिनूक हेलीकॉप्टर प्राप्त होंगे ।भारत के लिए रणनीतिक नजरिये से चिनूक हेलीकॉप्टर इसलिए महत्वपूर्ण है कि इनके आने से एयरफोर्स की क्षमता और बढ़ जाएगी ।यह हेलीकॉप्टर ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में सेना तक आवश्यक माल पहुँचाने में मददगार साबित होगा ।
गौरतलब है कि भारत ने बोईंग के साथ 22 अपाचे हेलीकॉप्टर और 15 चिनूक हेलीकॉप्टर खरीदने की प्रक्रिया को सितम्बर 2015 में अंतिम रूप दिया था ।
चिनूक हेलीकॉप्टर की विशेषताएँ
• चिनूक हेलीकॉप्टर अमेरिकी सेना का विशेष हेलीकॉप्टर है ।इसी चिनूक हेलीकॉप्टर की मदद से अमेरिकी सेना ने लादेन को मार गिराया था ।
वियतनाम और इराक के युद्धों में इसे शामिल किया गया था ।यह दो रोटर वाला हैवीलिफ्ट हेलीकॉप्टर है ।
चिनूक बहुउद्देशीय , वर्टिकल लिफ्ट प्लेटफॉर्म हेलीकॉप्टर है , जिसका इस्तेमाल सैनिकों , हथियारों , उपकरण और ईंधन को ढोने में किया जाता है ।
इसका इस्तेमाल मानवीय और आपदा राहत अभियानों में भी किया जाता है । राहत सामग्री पहुँचाने और बड़ी संख्या में लोगों को बचाने में भी इसका उपयोग किया जा सकता है ।
• यह 9 .6 टन वजन उठा सकता है , जिसमें भारी मशीनरी , तोप और बख्तरबंद गाड़ियाँ शामिल हैं ।
• जहाँ अपाचे को दुनिया के सबसे अच्छे लड़ाकू हेलिकॉप्टर में गिना जाता है , वहीं , चिनूक हेलीकॉप्टर बहुत ऊँचाई पर उड़ान भरने में सक्षम है ।
भारत अपाचे का इस्तेमाल करने वाला 14वाँ और चिनूक का इस्तेमाल करने वाला 19वाँ देश होगा ।
भारत के लिए महत्त्व
भारतीय वायुसेना के नजरिये से देखें तो रणनीतिक दृष्टि से यह काफी फायदेमंद साबित हो सकता है ।भारत के पड़ोसी देशों चीन और पाकिस्तान की ओर से जिस प्रकार का माहौल बनता है ।उसमें चिनूक और अपाचे हेलीकॉप्टर भारतीय वायुसेना के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं ।चिनूक हेलीकॉप्टर की मदद से सीमावर्ती इलाकों में सड़क निर्माण की सामाग्री आसानी से पहुँचायी जा सकती है , जिससे भारतीय सीमाओं पर ढाँचागत विकास में तेजी आएगी ।साथ ही अपाचे हेलीकॉप्टर सैन्य दृष्टि से काफी उत्तम माने जा रहे हैं ।