भाग - एक (अनुच्छेद 1 - 4)
अनुच्छेद 1- संघ का नाम व राज्य क्षेत्र,
अनुच्छेद 2- नए राज्यों का प्रवेश व स्थापना,
अनुच्छेद 3- नए राज्यों का निर्माण और वर्तमान राज्यों के क्षेत्रों व सीमाओं तथा नामों में परिवर्तन।
भाग - दो (अनुच्छेद 5 - 11) नागरिकता का अधिकार।
भाग - तीन (अनुच्छेद 12 - 35 मौलिक अधिकार।
NOTE- वर्तमान में छह मौलिक अधिकार हैं-
1. समता का अधिकार (अनुच्छेद 14 - 18)।
2. स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 19 - 22)।
3. शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनुच्छेद 23 - 24)।
4. धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 25 - 28)।
5. शिक्षा और संस्कृति संबंधी अधिकार (अनुच्छेद 29 - 30)।
6. संवैधानिक उपचारों का अधिकार (अनुच्छेद 32 - 35)।
अनुच्छेद 12- इसमें राज्य शब्द को परिभाषित किया गया है। राज्य के अंतर्गत संसद, राज्य विधानमंडल, राष्ट्रपति और राष्ट्रीय कृत मंडल आते हैं।
अनुच्छेद 13- इसके अनुसार राज्य ऐसी कोई विधि नहीं बनाएगा जो संविधान के भाग 3 (मौलिक अधिकार) का हनन करती हो यदि ऐसी कोई विधि या कानून बनाया जाता है, तो वह उल्लंघन की मात्रा तक शुून्य होगा।
विधियां- संसद, राज्य विधानमंडल, राष्ट्रपति द्वारा जारी अध्यादेश, राज्यपाल, प्रथाएँ और रूढ़ियां।
अनुच्छेद 14- इसके अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को विधि के समक्ष समता व विधि के समान संरक्षण प्राप्त होगा।
NOTE- विधि के समक्ष समता का अधिकार की अवधारणा ग्रेट ब्रिटेन जबकि विधियों के समान संरक्षण यूएसए से लिया गया है।