मित्रों ! इस संसार में सभी उन्नति करना चाहते हैं सफलता की नई-नई ऊंचाइयों छूना चाहते हैं और अंततः सुख ,शांति, प्रसन्नता और प्रसिद्धि पाना चाहते हैंl परंतु क्या यह सब इच्छा करने मात्र से ही मिल जाएगा? नहीं, इसके लिए पुरुषार्थ करना पड़ेगा अच्छी शिक्षा प्राप्त करना अथवा कोई भी हुनर सीख कर अपने पैरों पर खड़े होने की स्थिति अर्जित करनी होगी l
साथ ही मधुर व्यवहार सकारात्मक सोच और उत्तम चरित्र विकसित करना होगा तभी सफल यशस्वी और गौरवशाली जीवन का निर्माण संभव होगा lहमारे जीवन के चार पक्ष है : शारीरिक , मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक संतुलित जीवन का निर्माण के लिए इन चारों पक्षो का समुचित विकास होना अनिवार्य है l
सर्वप्रथम हमारा शरीर स्वस्थ एवं निरोग होना अति आवश्यक है जब तक ना तन स्वस्थ रहेगा और जब तक मन भी स्वस्थ नहीं रहेगा और व्याधिया हमें सताती रहेगी और हम उन्नति नहीं कर पाएंगे lमानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छी शिक्षा आवश्यक हैl हमारे मानसिक क्लेस और उन्नति का मुख्य कारण अज्ञान है lऔर अज्ञानता मिटाना है शिक्षा से lशिक्षा से हमारा बुद्धि बल बढ़ता है विवेक विकसित होता हैl सामाजिक और आध्यात्मिक पक्ष उत्तम चारित्रिक गुणों से विकसित होते हैंl संक्षेप में जीवन निर्माण के लिए स्वस्थ शरीर के साथ अच्छी शिक्षा और उत्तम चरित्र का होना अनिवार्य है lमित्रों मनुष्य अपनी बुद्धि बल और चरित्र की शक्तियों का साथ में से किसी भी क्षेत्र में ऊंचे ऊंचे लक्ष्य प्राप्त कर सकता हैl इसमें तनिक भी संदेह नहीं हैl