उष्मा -
उष्मा ऊर्जा का वह रूप है। जिसमें हमें वस्तु की गर्माहट का एहसास होता है। यह वस्तु के पदार्थ के कणों की गतिज ऊर्जा के कारण होती है। इसका मात्रक कैलोरी, किलो कैलोरी अथवा जूल होता है।
कैलोरी - 1 ग्राम जल का ताप 1 डिग्री सेल्सियस बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा की मात्रा को एक कैलोरी कहते हैं
किलो कैलोरी यह उष्मा कि वह मात्रा है जो 1 किग्रा जल का ताप 1 डिग्री सेंटीग्रेड बढ़ाने के लिए आवश्यक है 1 किलो कैलोरी बराबर 4.18 जूल होता है
ताप - किसी वस्तु की गर्माहट को उस वस्तु का ताप कहते हैं। जब दो वस्तुएं संपर्क में स्थित होती है तो वस्तु का प्रवाह सदैव उचित ताप वाली वस्तु की नीचे ताप वाली वस्तु की ओर होता है।
थर्मामीटर -
वस्तु के ताप को मापने के लिए जो यंत्र का प्रयोग किया जाता है उसे थर्मामीटर कहा जाता है।
सेल्सियस पैमाना-
इसमें बर्फ की हिमांक को जीरो डिग्री सेंटीग्रेड तथा जल का क्वथनांक को 100 डिग्री सेंटीग्रेड माना जाता है। इस पैमाने पर आविष्कार सन 1710 में ए० celsius ने किया था।
फारेनहाइट पैमाना -
फारेनहाइट पैमाना इसमें जल के हिमांक को 32 डिग्री फारेनहाइट तथा क्वथनांक को 212 डिग्री फारेनहाइट माना जाता है इसका आविष्कार फारेनहाइट नाम वैज्ञानिक ने वर्ष 1717 में किया था।