भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम 2018 के विषय में जानकारी

वर्तमान परिदृश्य 

 5 अगस्त , 2018 को राष्ट्रपति ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक , 2018 को स्वीकृति प्रदान कर दी । इससे यह विधेयक अब अधिनियम बन गया ।
 
 • 25 जुलाई , 2018 को राज्य सभा द्वारा भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक , 2018 को पारित कर दिया गया । इससे पूर्व 19 जुलाई , 2018 को इसे लोक सभा द्वारा पारित कर दिया  गया था । 
 • प्रमुख प्रावधान

 • भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम , 2018 के अंतर्गत 100 करोड़ रुपये अथवा अधिक की राशि के अपराध / अपराधों को शामिल किया गया है । 

 • प्रक्रिया 

 • किसी व्यक्ति को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के लिए विशेष न्यायालय के समक्ष आवेदन करना होगा ।
 
 * भगोड़ा आर्थिक अपराधी होने के आरोपित व्यक्ति को विशेष न्यायालय द्वारा नोटिस जारी किया जाएगा ।

 *  नोटिस जारी होने के कम - से - कम 6 सप्ताह में व्यक्ति से । निर्दिष्ट स्थान पर उपस्थित होने की अपेक्षा होगी ।

 विशेष न्यायालय के आदेश से अभियुक्त व्यक्ति के स्वामित्वाधीन संपत्ति , उसकी बेनामी संपत्ति ।तथा अपराध के आगम व ।संपत्ति , जैसा आवेदन में वर्णित हो , को कुर्क किया जा सकेगा ।
 
  न्यायालय द्वारा जिस व्यक्ति कोअपराधी घोषित किया जाएगा , उसकी संपत्ति को जब्त कर उसे केंद्र सरकार में निहित किया ।जा सकता है ।
  
ऐसे अपराधी की बेनामी संपत्ति सहित भारत और विदेशों में अन्य पतति को जब्त किया जा सकता है ।|भगोड़े आर्थिक अपराधी को किसी सिविल दावे को दायर करने अनुमति नहीं दी जा सकती है ।

भगोड़ा आर्थिक अपराधी 

* भगोड़ा आर्थिक अपराधी को ऐसे व्यक्ति के रूप में परिभाषित किया गया है , जिसके खिलाफ किसी अपराध ( 100करोड़ रुपये या उससे अधिक की रकम का ) के संबंध में गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है तथा जो मुकदमे से बचने के लिए देशछोड़ दिया हो या मुकदमे का सामना करने के लिए देश लटने से मना कर रहा हो ।

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