अमेरिका,इजरायल यूनेस्को से बाहर-

अमेरिका,इजरायल यूनेस्को से बाहर -
1 जनवरी 2019 की मध्य रात्रि से यूनेस्को से बाहर निकलने का अमेरिका और इजराइल का निर्णय प्रभावी हो गया। इजरायल विरोधी रुख अपनाने का आरोप लगाते हुए अमेरिकी प्रशासन ने यूनेस्को से बाहर आने का अपना नोटिस अक्टूबर 2017 में दायर किया था । जिसके बाद इजरायल ने भी इस संयुक्त राष्ट्र संस्था से खुद कोे बाहर होने की घोषणा कर दी । द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात यूनेस्को की सह - स्थापना में अमेरिका भी शामिल था।
यूनेस्को की सदस्यता त्यागने कि अमेरिकी घोषणा के पहले भीराष्ट्रपति ट्रंप राष्ट्रपति ट्रंप संगठन को दिए जाने वाले फंड की आलोचना कर चुके हैं पेरिस स्थित इस संगठन में इजराइल के पूर्वी यरुशलम पर कब्जे की आलोचना की थी। तथा वर्ष 2018 में फिलिस्तीनी को पूर्ण सदस्यता प्रदान कर दी थी। वर्ष 2018 में यूनेस्को ने फिलिस्तीनी को सदस्य बनाया था उसके बाद से अमेरिका ने यूनेस्को की वित्तीय सहायता रोक दी थी जो कि इसके कुल बजट की 22% थी।
अमेरिका इससे पहले भी 1984 में यूनेस्को की सदस्यता त्याग चुका है। हालांकि वर्ष 2013 में वह शामिल हो गया था।
मुख्य बिंदु
यूनेस्को की स्थापना 16 नवंबर 1945 को तथा इसका गठन 4 नवंबर 1946 को किया गया था । इसका मुख्यालय फ्रांस के पेरिस में है। वर्तमान में आंद्रे अजोले यूनेस्को की 10 वी महानिदेशक है।
भारत सरकार ने 1949 में यूनेस्को के साथ सहयोग का गठन किया गया जिसे 1951 में स्थाई रूप दे दिया गया।
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