भारत कि नदियाँ भाग 3

प्रायद्वीपीय नदियां = नदियों का उद्गम पश्चिमी घाट है वर्षा जल से जल पूर्ति होती है ग्रीष्म ऋतु में इनमें चल का अभाव हो जाता है। कावेरी इसका एक मात्र अपराध है क्योंकि उसे ग्रीष्मकालीन एवं शीतकालीन दोनों ही मानसून में जल प्राप्त होता है प्रायद्वीपीय नदियां अपेक्षाकृत प्रौढ़ है या अपना मार्ग निर्धारित कर चुकी है। अपेक्षाकृत सख्त भूमि पर बहने के कारण यह छोटे डेल्टा का निर्माण करती है।                                                               कृष्णा और गोदावरी का डेल्टा मिलकर एक हो गया है ताप्ती के बाद अधिकांश नदिया बंगाल की खाड़ी में गिरती है ।           कर्नाटक की शरावती केरल की पेरियार इसका अपवाद है।      भारत में बहने वाली सबसे बड़ी नदी का गंगा है 2525 km। ब्रह्मपुत्र की लंबाई 2900 किलोमीटर है, परंतु भारत में इस की अपवाह मात्र 700 किलोमीटर है यह भारत की सबसे चौड़ी नदी है।                                                                                  तीस्ता सबसे तेज गति से बहती है।                                      ब्रह्मपुत्र के पास सर्वाधिक सहायक नदियां हैं। गंगा का बेसिन सबसे बड़ा है 9लाख  वर्ग किलोमीटर।                                         असम में सर्वाधिक नदियां हैं हरियाणा में मात्र एक नदी का घग्घर है।

T.M.C ( Thousand Million Cubic Feet )- नदी जल की कुल मात्रा को व्यक्त करता है।                   

Caused (Cubic feet Per second ) - नदी के जल की प्रवाह को व्यक्त करता है।                                                            किसी नदी को उसकी सहायक नदियों के साथ मिलाकर नदी तंत्र कहा जाता है ।

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