आज महिलाओं पर अपराध के लिए कानूनन स्वीकार लिव इन रिलेशनशिप भी एक कारण हैl विवाह नाम की संस्था शायद इसलिए ही बनाई गई होगी कि महिला के सम्मान व मर्यादा को सुरक्षित रखा जा सके lलेकिन आज अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए युवा पीढ़ी इस संबंध में रहती है और रूठने के बाद एक दूसरे को छोड़ देते हैं lकुछ महिलाएं अदालत भी चली जाती हैं और अपने पुरुष मित्र पर भरण पोषण का मुकदमा दर्ज करती हैं l
गांव भी इस समस्या से अछूते नहीं हैं डिश टीवी के कारण दूरदराज के क्षेत्रों में आधुनिकता की बयार बह रही है आधुनिकता के नाम पर हम में से अधिकांश ने फूहड़ पन को अपनाया हुआ हैl गांव में खाप पंचायतों के फरमान मौलवियों के फतवे महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों का कारण हैl वहां महिला को महिला ही नहीं समझा जाता उन्हें पैर की जूती समझा जाता है कहा जाता है कि लुगाई की अकल घुटनों में होती है lइतना ही नहीं महिलाओं के नाम पर दी जाने वाली भद्दी गालियां अपशब्द हमारी विकृत मानसिकता ही तो है lएक तरफ तो हम मां को भगवान का रूप बताते हैं और दूसरे पर ही वह चुड़ैल, छिनाल न जाने कितने ही अपशब्दों से दुत्कारी जाती हैं lअपनी झूठी शान के लिए प्रेम विवाह करने वाली लड़कियों की हत्या कर दी जाती है और पूरा का पूरा गांव बिरादरी में एकमत और एकजुट रहती है lपुलिस जांच और सबूतों के अभाव में ऐसे मामलों की फाइल बंद कर देती है आखिर क्यों?