काॅस्मिक किरणें (Cosmic Rays)
विद्युत चुम्बकीय तरंगें में इसकी आवृत्ति एवं ऊर्जा सबसे अधिक तथा तरंगदैध्र्य सबसे कम होता है।
ये किरणें न होकर कण होते हैं जो सूदुर ब्रह्माण्ड में पैदा होता है, हालांकि सूर्य भी अति निम्न ऊर्जा वाले काॅस्मिक किरणों का स्रोत होता है।
इन किरणों की खोज आॅस्ट्रिया के वैज्ञानिक विक्टर हेंस ने 1912 ई0 में किया था।
गामा किरणें
इन किरणों की खोज बैकुरल ने किया, इसलिए इन्हें बैकुल किरणें भी कहते हैं।
इन किरणों का स्रोत विकिरण एवं रेडियो- सक्रिय तत्व होते हैं। इनका वेग प्रकाश के वेग के बराबर होता है।
काॅस्मिक किरणों के बाद इनकी आवृत्ति सबसे अधिक (102 से 1018Hz) होती है। तरंग काॅस्मिक किरणों के बाद इससे कम 1018 से 1070Hz होती है।
ये अत्यन्त वेधीकिरणें होती हैं, अतः इनका उपयोग नाभिकीय अभिक्रिया एवं चिकित्सा विज्ञान में किया जाता है।
एक्स किरणें (X-Rays)
इन किरणों की खोज जर्मनी के वैज्ञानिक राॅजने (Rontgen) ने 1895 ई0 में किया।
किसी भारी नाभिक पर इलेक्ट्रानों की बौछार से ये किरणें उत्पन्न होते हैं।
इसका उपयोग चिकित्सा-शास्त्र में तथा एक्स-रे फोटोग्राॅफी में किया जाता है।