प्रकाश (Light)
प्रकाश का सम्बन्ध विद्युत-चुम्बकीय (Electro-magnetic) दृश्य प्रकाश से है, जो हमारी आँखों में दृष्टि संवेदना उत्पन्न करता है।
प्रकाश का वेग निर्वात में सर्वाधिक (3×109 मी./से.) होता है। सूर्य से पृथ्वी तक प्रकाश को आने में 8 मिनट 19 सेकेण्ड का समय लगता है। चन्द्रमा से परावर्तित प्रकाश को पृथ्वी तक आने में 1.28 से0 का समय लगता है।
प्रकाश कण एवं तरंग दोनों ही तरह व्यवहार करता है, इसलिए इसकी प्रकृति द्वैध (Dual) हो जाती है। प्रकाश का तरंग सिद्धांत इसका विद्युत प्रभाव व क्राम्पटन प्रभाव की व्याख्या नहीं करता है। प्रकाश के फोंटा सिद्धांत के अनुसार, प्रकाश, ऊर्जा के छोटे-छोटे बंडलों में चलता है जिन्हें फोटान कहते हैं। प्रकाश को कण एवं तरंग की तरह प्रतिष्ठिापित करने में अनेक वैज्ञानिकों का योगदान रहा है, जो निम्नलिखित हैं-
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वैज्ञानिक
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सिद्धांत
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न्यूटन
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प्रकाश का कणिका सिद्धांत
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हाइगेन्स
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प्रकाश का तरंग सिद्धांत
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ग्रेमाल्डी
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प्रकाश के विवर्तन का सिद्धांत
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यंग
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प्रकाश के व्यतिकरण का सिद्धांत
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प्लाक
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प्रकाश का क्वांटम सिद्धांत
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आइंस्टीन
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प्रकाश-विद्युत (Photoelectric) सिद्धांत की व्याख्या
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