अपवर्तन के कारण घटने वाली कुछ घटनाएँ-
किसी जल भरे तालाब के तल का वास्तविक गहराई से कम गहरा दिखना।
पानी में तिरछी डाली गई छड़ी का टेढ़ा दिखाई देना।
सूर्योदय तथा सूर्यास्त के वास्तविक समय के दो मिनट पहले तथा बाद तक सूर्य का दिखाई देना।
तारों का टिमटिमाना।
अपवर्तनांक (Fefractive Index)
किसी माध्यम का दूसरे माध्यम के सापेक्ष विरलता या सघनता का द्योतक है।
किसी माध्यम का अपवर्तनांक निर्वात के प्रकाश का वेग तथा उस माध्यम में प्रकाश के वेग का अनुपात होता है।
चूँकि निर्वात में प्रकाश का वेग महत्तम होता है, इसलिए सभी माध्यमों का अपवर्तनांक 1 से अधिक होता है।
जिस माध्यम का अपवर्तनांक जितना अधिक होगा वह उतना ही अधिक सघन होगा तथा उसमें प्रकाश का वेग उतना ही कम होगा।
श्वेत प्रकाश के सात रंगों में बैंगनी रंग का अपवर्तनांक सर्वाधिक तथा लाल रंग का न्यूनाधिक होता है।
कुछ माध्यमों के अपवर्तनांक निम्नलिखित है-
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माध्यम
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अपवर्तनांक
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वायु
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1.0003
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वर्फ
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1.31
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जल
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1.33
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मिट्टी का तेल
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1.44
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तारपीन का तेल
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1.47
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क्राउन काँच
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1.52
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कार्बन डाई आॅक्साइड
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1.63
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हीरा
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2.42
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