जंतु विज्ञान में जंतु जगत का वर्गीकरण

इसके अंतर्गत जंतु तथा उनके कार्यकलापों का अध्ययन किया जाता है।

जंतु जगत का वर्गीकरण

संसार के समस्त जनता जगत को दो भागों में विभक्त किया गया है ।

एककोशिकीय प्राणी तथा बहुकोशिकीय प्राणी

एक कोशिकीय प्राणी एक ही संघ प्रोटोजोआ में रखे गए, जबकि वहुकोशिकीय  प्राणी को 9 संघो में विभक्त किया गया है।

स्टोरर व यूसिन्जर के अनुसार जंतुओं का वर्गीकरण

संघ प्रोटोजोआ ( Protozoa ) - 

प्रमुख लक्षण

इसका शरीर केवल एक कोशिकी होता है इनके जीव द्रव्य में एक या अनेक केंद्रक पाए जाते हैं प्रचलन प्रदाभों पक्ष में या कसामों के द्वारा होता है। स्वतंत्र जीबी एंव परजीवी दोनों प्रकार के होते हैं। सभी दैनिक क्रियाएं जैसे भोजन ,पाचन ,शोषण उत्सर्जन, जनन, एक कोशिकीय शरीर के अंदर होती हैं। श्वशन एवं उत्सर्जन कोशिका की सतह से विसरण के द्वारा होते हैं जैसे अमीबा, पैरामीशियम,  प्लाज्मोडियम, ट्रिपैनोसोमा, आदि।

संघ पोरिफेरा - ( porifera) - 

इस संघ के सभी जंतु खारे जल में पाए जाते हैं इन के प्रमुख लक्षण

यह एककोशिकीय जंतु होते हैं परंतु कोशिकाएं नियमित ऊतकों का निर्माण नहीं करती हैं। शरीर पर असंख्य क्षिद्र पाये जाते हैं। शरीर में एक गुहा पाई जाती है जिसे स्पंज गुहा कहते हैं। जैसे साइकन, मायोनिय, स्पंज, आदि

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