जंतुओं का वर्गीकरण भाग - 2

संघ सीलेण्ट्रेटा ( Coelenterata)-

प्रमुख लक्षण प्राणी जलीय द्विस्तरीय होते हैं। मुख के चारों और कुछ धागे की तरह की संरचनाएं पाई जाती हैं जो भोजन आदि पकड़ने  मदद करती हैं। उदाहरण हाइड्रा, जेलीफिश, सी एनीमोन, मूंगा आदि।

संघ प्लैटीहेल्मिन्थीज ( Platyhelminthes )-

प्रमुख लक्षण-

  • तीन स्तरीय शरीर परंतु देहगुहा नहीं होती है
  • पृष्ठ आधार तल से चपटा शरीर पाचन तंत्र विकसित नहीं।
  • उत्सर्जन फ्लेम  कोशिकाओं द्वारा होता है
  • कंकाल श्वसन अंग परिवहन अंग आदि नहीं होता
  • उभय लिंगी जंतु उदाहरण- प्लेनेरिया, लिवर, कलयुग, फल्यूक, फीता, कृमि आदि।

संघ ऐस्केल्मिन्थीज (Ascheleminthes)-

लंबे बेलनाकर अखंडित कृमि शरीर द्विपार्श्व ् सममित  आहार नाल स्पष्ट होती है जिसमें मुख तथा गुहा दोनों ही होते हैं परिवहन अंग तथा स्वसन अंग नहीं होते हैं परंतु तंत्रिका तंत्र विकसित होता है उत्सर्जन प्रोटोनफ्रीडिया द्वारा होता है एकलिंगी होते हैं उदाहरण- गोलकृमि, जैसे- एस्केरिस , थ्रेडवर्म, वुचेरिया।

note

एण्टरोवियस-

जबमुख्य था छोटे-छोटे बच्चों की गुदा में पाए जाते हैं इससे बच्चों को काफी चुनचुनाहट महसूस होती है भूख कम लगती है और उल्टियां होती हैं कुछ बच्चे रात में बिस्तर पर पेशाब कर देते हैं। वुचेरिया द्वारा फाइलेरिया होता है

  शरीर लम्बा  पतला, द्विपार्श्व सममित तथा खंडों में बंटा हुआ होता है।

आहार नाल पूर्णतः विकसित होता है।

रुधिर लाल होता है एवं तंत्रिका तंत्र साधारण होता है।

Posted on by