ताछशिला विद्या की सबसे पुरानी पीठ हैं यह मोर्य युग के पूर्व ही स्थापित था। नालंदा और उज्जैन गुप्त कालीन जबकि विक्रमशिला पाल युगीन विद्या केंद्र थे नगरी अत्यंत प्राचीन काल में गांधार जनपद की राजधानी थी यह आधुनिक रावलपिंडी से 20 मील पशिचम की ओर सिंध तथा झेलम नदियों के बीच स्थित है
रामायण की परंपरा के अनुसार भरत के पुत्र तछ ने इसे बसाया था। जनमेजय का नाग यज्ञ यहीं पर हुआ था। इसकी सबसे अधिक ख्याति मानी जाती हैं।