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कोशिका तथा कोशिकांग
उसके सभी जीव धारियों की संरचनात्मक एवं कार्यात्मक इकाई है
कोशिका जैव रासायनिक गुणों से बनी एक रचना है
यह कोशिका झिल्ली से घिरी रहती है
इसके अंदर जीव द्रव्य एवं केंद्रक होता है
कोशिका के अध्ययन से विज्ञान को सायटोलाजी कहा जाता है
1665 वी में रॉबर्ट हुक ने कार्क के एक टुकड़े को सूक्ष्मदर्शी से देखा इसमें अनेक कोठारिया थी जिसे उन्होंने सेल कहा।
ल्यूवेनहॉक 1674 सूक्ष्मदर्शी से जीवाणु प्रोटोजोआ तथा अन्य जीव कोशिकाओं का पता लगाया।
रॉबर्ट ब्राउन ने 1821 में कोशिकाओं में केंद्र का पता लगाया।
पूूर्किन्जे ने 1839 ईसवी में तथा वानमोल ने 1840 ईसवी में कोशिका में पाए जाने वाले अर्द्धतरल तथा दानेदार पदार्थ को जीव द्रव्य का नाम दिया।
1855 मी रूडोल्फ विरचाव ने बताया कि नई कोशिकाएं पहले से मौजूद कोशिकाओं के विभाजन से उत्पन्न होती हैं
कोशिका सिद्धांत का प्रतिपादन 1838 से 1839 ईसवी में स्लाइडेन और श्वान नाम वैज्ञानिक ने किया।
प्रत्येक जीव का शरीर कोशिकाओं और उनके गुणनफल का बना होता है।
समस्त कोशिकाओं का पूर्वर्ती खुशियों से होता है समस्त कोशिकाएं रासायनिक संरचना तथा चयापचय में मुर्दा समान होती है
किसी भी जीव का कार्य उसकी कोशिकाओं की गतिविधियों और उचित किसी भी जीव का कार्य उसकी कोशिकाओं की गतिविधियों और उसकी पारस्परिक क्रियाओं का परिणाम होता है।
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