वस्तुओं के रंग (Rainbow)
वस्तु जिस रंग की दिखाई देती है वास्तव में वह उस रंग को परावर्तित करती है।
यदि वस्तु श्वेत दिखाई देती है तो वह सभी रंगों का परावर्तन करती है, जबकि काली दिखने वाली वस्तु सभी रंगों का अवशोषण करती है।
लाल गुलाब को हरे प्रकाश से देखने पर वह काला दिखाई देता है, क्योंकि लाल गुलाब हरे प्रकाश का अवशोषण कर लेता है तथा उसके परावर्तन के लिए कोई रंग शेष नहीं रहता है।
लाल, नीला तथा हरे रंग को प्राथमिक रंग कहते हैं, क्योंकि इसका संयुक्त प्रभाव श्वेत होता है।
रंगीन टी0वी0 में प्राथमिक रंग लाल, हरा तथा नीला का उपयोग किया जाता है।
दो प्राथमिक रंगों के मिलने से बनने वाले रंग द्वितीयक रंग कहलाते हैं। जब दो रंग परस्पर मिलकर श्वेत रंग बनाते हैं तो उन्हें पूरक रंग कहा जाता है।
मैजेटा (लाल+पीला), पीकाॅक (हरा+नीला) तथा पीले रंग को सम्पूरक रंग कहते हैं, क्योंकि इसका संयुक्त प्रभाव भी श्वेत होता है।
मिश्रण से प्राप्त विभिन्न रंग
लाल + हरा = पीला
लाल + नीला = मैजेंटा
हरा + नीला = पीकाॅक ब्लू (श्यान)
हरा + मैजेंटा = श्वेत
नीला + पीला = श्वेत