भारत में अल्पसंख्यक समूहों का वितरण( distribution of religious minorities in India)

संवैधानिक आधारों पर भारत में अल्पसंख्यक समूहों को दो हिस्सों में वर्गीकृत किया जाता है- धार्मिक एवं भाषाई
धार्मिक अल्पसंख्यक समूह वह समूह है जो कि संख्या के आधार पर किसी भी समाज में बहुसंख्यक की तुलना में हीन है.
अतः भारत में हिंदुओं को छोड़कर अन्य सभी धार्मिक समूहों को धार्मिक अल्पसंख्यक कहा जाएगा।
हिंदू राष्ट्रीय स्तर पर बहुसंख्यक है परंतु के सभी राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों में बहुसंख्यक नहीं है।
जम्मू और कश्मीर राज्य में एवं लक्षद्वीप के केंद्र शासित प्रदेश में मुसलमान बहुसंख्यक है।
ईसाई पूर्वोत्तर राज्यों जैसे कि नागालैंड मिजोरम मेघालय एवं अरुणाचल प्रदेश में बहुसंख्यक है। 
पंजाब में सिख बहुसंख्यक हैं।
बौद्ध जैन यहूदी एवं पारसी किसी भी राज्य में बहुसंख्यक नहीं है परंतु इनकी संख्या महाराष्ट्र में सर्वाधिक है।
बौद्ध धर्म के अनुयाई अरुणाचल प्रदेश एवं लद्दाख क्षेत्र में भी सम्मानजनक संख्या में है।जम्मू और कश्मीर के अलावा मुसलमान सम्मानजनक संख्या में पश्चिम बंगाल असम बिहार एवं उत्तर प्रदेश में उपस्थित हैं।ईसाई समूह की उपस्थिति सम्मानजनक संख्या में जनजाति क्षेत्रों में है एवं केरल तथा गोवा राज्य में भी इसाई यों की स्थिति सम्माननीय है।
2011 की जनगणना के आधार पर हिंदू आबादी कुल आबादी का 79.8% है मुसलमान 14.23% है । सिख 1.7% है। बौद्ध 0.7 प्रतिशत एवं जैन 0.4% तथा अन्य 0.6% है जबकि 0.24 प्रतिशत नास्तिक हैं।
आता है यह कहा जा सकता है कि धार्मिक आधारों पर भारत एक बहुलवादी समाज है।
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