ऊष्मा (Heat)
ऊष्मा आण्विक गति की ऊर्जा है, जो दो पिण्डों के बीच तापान्तर (Temperature Difference) के कारण प्रवाहित होता है।
ऊष्मा का एस0आई0 मात्रक जूल तथा सी0जी0एस0 मात्रक कैलोरी होता है। एक ग्रामजल का ताप 10C ¼14-50C से 15-50C½ बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा की मात्रा को कैलोरी कहते हैं।
किसी वस्तु में निहित ऊष्मा उस वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर करती है।
ऊष्मा के विभिन्न मात्रकों में सम्बन्ध:
1 कैलोरी = 4.186 जूल
1 जूल = 0.24 कैलोरी
1 ब्रिटिश थर्मल इकाई (BTU) = 252 कैलोरी
1 किलो कैलोरी = 4.18×103 जूल।
ऊष्मा एक प्रकार की ऊर्जा है, जिसे कार्य में बदला जा सकता है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण सबसे पहले रमफोर्ड (Ramford) ने दिया था।
किसी पिण्ड में निहित ऊष्मा उस पिण्ड के द्रव्यमान व ताप पर निर्भर करती है।
जूल (Joule) के अनुसार, जब कभी कार्य ऊष्मा में बदलता है, या ऊष्मा कार्य में बदलता है, तो किए गए कार्य व उत्पन्न ऊष्मा के अनुपात को ऊष्मा का यांत्रिक तुल्यांक (Mechanical equivalent of heat) कहते हैं। यदि W कार्य करने से उत्पन्न ऊष्मा की मात्रा Q हो, तो यांत्रिक तुल्यांक (J) = W/Q