इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय जल्द ही सभी नागरिकों के लिए सार्वजनिक डीएनएस को लागू करेगा साथ ही साइबर से जुड़ी घटनाओं से निपटने के लिए साइबर संकट प्रबंधन योजना शुरू करेगा ।
प्रमुख बिंदु
• डिजिटल इंडिया से जुड़ी पहल को सूचना प्रौद्योगिकी ( आईटी ) और गवर्नेस से परे देखा जा सकता है ।यह एक ऐसी पहल है जिसका उद्देश्य आम जनता को सशक्त बनाना है ।
• इसका उद्देश्य शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नजर आ रही खाई को पाटना और गवर्नेस में पारदर्शिता लाने के राष्ट्रीय प्रयासों की कामयाबी सुनिश्चित करना है ।
• भारत में डेटा एनालिटिक्स का केन्द्र ( हब ) बनने की सारी सुविधाएँ हैं और इसके साथ ही इस सेक्टर में भारत का वर्चस्व स्थापित करने में एनआईसी की प्रमुख भूमिका है ।
• साइबर सुरक्षा से जुड़े किफायती समाधानों ( सॉल्यूशन ) का विकास करने के मुद्दे पर भी तत्काल ध्यान देने की जरूरत है ।
• सरकार ने कहा है कि निजी क्षेत्र को आवश्यक सहयोग देने में सरकार के प्रौद्योगिकी संरक्षक ( कस्टोडियन ) को कतई हिचकिचाना नहीं चाहिए ।
भारत के कृषि परिदृश्य को बेहतर करने , सरकारी स्कूलों को प्रौद्योगिकी उपकरणों से लैस करके प्राथमिक शिक्षा का मानकीकरण करने और सस्ती प्रौद्योगिकी वाली स्वास्थ्य सेवाएँ मुहैया कराने में प्रौद्योगिकी का उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में एनआईसी को कार्यरत होना चाहिए ।
डिजिटल इंडिया पुरस्कारों ने ई - शासन के लिए एक प्रभावी |साधन के रूप में विश्वव्यापी वेब - मंच के इस्तेमाल को बढ़ावा |देने में प्रमुख भूमिका निभाई है ।साथ ही अनेक विभागों को इससे प्रेरणा मिली है ।
पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न सरकारी विभागों को अनुकरणीय कार्य करने के लिए डिजिटल इंडिया पुरस्कार दिया जा चुका है ।