पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और जोजीला दर्रा टनल परियोजना

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे ( लखनऊ - बलिया एक्सप्रेसवे ) 

• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 जुलाई , 2018 को आजमगढ़ (उ . प्र.) में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शिलान्यास किया। 
•पूर्वांचल एक्सप्रेस वे उ.प्र. सरकार की महत्त्वाकांक्षी योजना है । इस एक्सप्रेसवे के माध्यम से पूर्वांचल के कुछ जिलों को आपस में जोड़ा जाएगा। इसका विस्तार लखनऊ से बलिया तक होगा। 
 
० उद्देश्य : इस एक्सप्रेसवे का उद्देश्य पूर्वांचल के जिलों को राजधानी से सुगमता से जोड़ना एवं लखनऊ से पूर्वांचल के जिलों के बीच सफर के समय को कम करना है । 

• विशेषताएं : इस परियोजना की कुल लागत लगभग 11,800.56 करोड़ रुपए होगी। प्रस्तावित 8 लेन का पूर्वांचल एक्सप्रेसवे राज्य के 12 जिलों लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, फैजाबाद, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर, इलाहाबाद, गोरखपुर, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर और बलिया से होकर गुजरेगा। इस एक्सप्रेस वे की कुल लंबाई लगभग 340 किमी. होगी। इस परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को एशियन डेवलपमेंट बैंक और हुडको से ऋण प्राप्त होगा।


जोजीला टनल परियोजना :

3 जनवरी, 2018 को आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने श्रीनगर - कारगिल और लेह में सभी मौसमों में संपर्क उपलब्ध कराने हेतु 14.2 किमी. लंबी जोजिला दर्रा टनल परियोजना को मंजूरी प्रदान की। इस परियोजना पर कुल खर्च 6808.69 करोड़ रुपए आएगा। 
• इस सुरंग के निर्माण का उद्देश्य श्रीनगर - कारगिल तथा लेह के बीच सभी मौसमों के दौरान संपर्क उपलब्ध कराना तथा इन क्षेत्रों में समग्र आर्थिक और सामाजिक- सांस्कृतिक एकीकरण की सुविधा उपलब्ध कराना है । 
• इस परियोजना के निर्माण की अवधि 7 वर्ष है । इस परियोजना के तहत जम्मू - कश्मीर राज्य में बालताल तथा मीनामार्ग के बीच पहुंच मार्गों को छोड़कर 14.200 किमी. लंबी समानान्तर निकास टनल के साथ एकल ट्यूब वाली दो लेन की द्विदिशी 14.150 किमी . लंबी सुरंग का निर्माण करना है।

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