प्रतिरोध (Resistance)
चालक के अणुओं/परमाणुओं/आयनों के द्वारा प्रवाहित विद्युत धारा का जो विरोध किया जाता है, उसे प्रतिरोध कहते है।
इसका मात्रक ओम W होता है।
प्रतिरोधकता (Resistivity)
यह एक नियतांक (Constant) है।
इसका मान चालक के पदार्थ की प्रकृति तथा उसकी भौतिक अवस्थाओं (Physical Condition) पर निर्भर करता है।
इसका मात्रक ओम-मीटर (W-m) होता है।
प्रतिरोध के व्यूत्क्रम को चालकता कहते हैं। इसका मात्रक (Mho) है, जिसे सीमेन (Siemen) भी कहते हैं।
विशिष्ट प्रतिरोध या प्रतिरोधकता के व्यूत्क्रम को विशिष्ट चालकता कहते है। इसका मात्रक ओम-1 मीटर-1 है।
चालक का प्रतिरोध
चालक की लम्बाई बढ़ने पर : बढ़ता है।
चालक का अनुप्रस्थ क्षेत्रफल बढ़ने पर : घटता है।
धातुओं एवं मिश्र धातुओं का तापमान बढ़ने पर : बढ़ता है।
अर्द्धचालकों का तापमान बढ़ने पर : घटता है।
विद्युत अपघट्यों के तापमान बढ़ने पर : घटता है।
चालकों को श्रेणी क्रम में जोड़ने पर : बढ़ता है।
चालकों को समानान्तर क्रम में जोड़ने पर : घटता है।
जिस चालक की प्रतिरोधकता अधिक होती है उसकी चालकता (Conductivity) कम होती है।
चाँदी की चालकता सर्वाधिक होती है, अतः उसकी प्रतिरोधकता सबसे कम होती है।
कुछ चालकों की प्रतिरोधकताएँ निम्नलिखित हैं-
पदार्थ प्रतिरोधकता
चाँदी 1.6×10-8
ताँबा 1.7×10-8
एल्युमीनियम 2.7×10-8
लोहा 10×10-8
निक्रोम 100×10-8
कार्बन 3.5×10-8
मानव शरीर 1×101
शुद्ध जल 2.5×105
काँच 1010 से 1014
कठोर रबर 1013 से 1015
नमक 1014 से
पिघला क्वाट्र्ज 1016