2-) वृहद हिमालय => इसे ही हिमाद्रि या सर्वोच्च हिमालय कहा जाता है। विश्व की सबसे ऊंची चोटियां यही पाई जाती है यह सिंधु नदी के मोड़ से अरुणाचल प्रदेश के ब्रह्मपुत्र के मोड़ तक फैली हुई है। इसके पूर्व में नामचा बरवा पर्वत तथा पश्चिम में नंगा पर्वत है । इसकी कुल लंबाई 2400 किलोमीटर तथा इसकी एवरेज हाइट 6000 मीटर है । इस के मध्य में नेपाल देश स्थित है । माउंट एवरेस्ट ( Nepal ) कंचनजांगा ( Sikim) मकालू , धौलागिरी ( Nepal ) नंगा पर्वत (J&K) अन्नपूर्णा (Nepal) नंदा देवी ( Uttarakhand) बद्रीनाथ केदारनाथ (uttarakhand) माउंट एवरेस्ट को नेपाल में सागरमाथा कहा जाता है । कंचनजंगा भारत की दूसरी सबसे ऊंची चोटी है । हिमालय के मध्यवर्ती भाग से यह गंगा, यमुना और उसकी सहायक नदियां निकलती है । Main Central Thrust वृहद हिमालय को मध्य हिमालय से अलग करता है । 3-) मध्य हिमालय इसमें पीर पंजाल(J&K) धौलाधार (HP) नागरिब्बा (Uttarakhand) महाभारत (Nepal ) इसकी ऊंचाई 1800 से 3000 मीटर है, चौड़ाई 80 से 100 किलोमीटर तक है । लघु हिमालय के ढाल पर घास के छोटे-छोटे मैदान पाए जाते हैं जिन्हें कश्मीर में मर्ग (गुलमर्ग सोनमर्ग) कहा जाता है और इन्हें uttarakhand में Bugyal, Payar कहा जाता है ..|
4-) शिवालिक हिमालय => यह पंजाब के पोत बार में से कोसी नदी तक फैला हुआ है इसे नेपाल में चुरिया मोरिया कहते हैं यह हिमालय का सबसे नवीन भाग है । शिवालक को लघु हिमालय से अलग करने वाली घाटियों को पश्चिम में दूून ( देहरादून ) और पूर्व में द्वार (हरिद्वार ) कहा जाता है।