सामान्य विज्ञान - 02 : विज्ञान एवं उसकी शाखाएं

Day - 02

विशेष

सीरेनडिपिटी

           विज्ञान में सभी अन्वेषण वैज्ञानिक विधि अपनाने से नहीं होते है, बल्कि अनेक महत्वपूर्ण खोजें अकस्मात् (By Chance) ही हुई हैं। विज्ञान में खोजों अकस्मात् ही हो जाने की घटना को सीरेनडिपिटी कहते हैं। उदाहरण - न्यूटन द्वारा गुरुत्वाकर्षण, फैराडे द्वारा विद्युत - चुम्बकीय प्रेरण, फ्लेमिंग द्वारा ऐण्टिबायोटिक औषधियों के सिध्दांत, आदि अनेक अति महत्वपूर्ण खोजें है जो अकस्मात् ही हुई थीं ये आकस्मिक खोजें भी वही मस्तिष्क कर पाता है जो उन्हें अभिगृहीत करने के लिए तैयार बैठा होता है।

विज्ञान की प्रमुख शाखाएं (Main Branches Of Science) -

            अठारहवीं शताब्दी तक सभी प्रकार के विज्ञान को प्राकृतिक दर्शन (Natural Philosophy) कहा जाता था जिसकी दो शाखाएं मानी जाती थीं - भौतिक विज्ञान तथा जीव विज्ञान। भौतिक विज्ञान के अन्तर्गत सभी निर्जीव पदार्थो का और जीव विज्ञान के अन्तर्गत सजीव पदार्थो का अध्ययन किया जाता था। उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी में विज्ञान का विकास इतनी द्रुत गति से हुआ कि उस्का सम्यक् अध्ययन करने के लिए उसे अनेक शाखाओं में बांटना पड़ा जिनमें से कपितय प्रमुख शाखाओं का अति संक्षिप्त परिचय निम्नलिखित है :-

  • एकाउस्टिक्स (Acoustics) - इस विज्ञान में ध्वनि तथा उसके प्रभावों का अध्ययन किया जाता है।
  • एग्रोनॉमिक्स (Agronomics) - यह वह विज्ञान है जिसमें भूमि व फसलों के प्रबंधन का अध्ययन किया जाता है।
  • ऐग्रोनोमी (Agronomy) - इस विज्ञान में खाद्यान्नों के उत्पादन व कृषि सम्बंधी प्रौद्योगिकी एंव विकास का अध्ययन किया जाता है।
  • ऐग्रोस्टोलॉजी (Agrostology) - इस विज्ञान में घास का अध्ययन किया जाता है।
  • ऐल्केमी (Alchemy) - इस शब्द का प्रयोग मध्ययुगीन रसायन विज्ञान के लिए किया जाता है जिसमें रसायनज्ञ विभिन्न धातुओं को सोना और चांदी में परिवर्तित करने की विधियां खोजते थे तथा मानव को अमर बनाने वाले अमृत की खोज करते थे।
  • ऐनेस्थेसियोलॉजी (Anaesthesiology) - य्ह चिकित्सा विज्ञान की वह शाखा है जिसमें निश्चेतकों तथा निश्चेतना की अवस्था में रोगी की स्थिति का अध्ययन किया जाता है।

शेष फिर अगले नोटस् में...

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