भारतीय संविधान Easy Notes - 23 (भारतीय संविधान का निर्माण, प्रकृति एवं उसकी विशेषताएं)

क्रमशः..

Day - 23

संविधान निर्माण की प्रक्रिया

  • भारतीय संविधान का निर्माण एक ‘संविधान सभा’ द्वारा हुआ है और संविधान सभा का गठन 1946 में कैबिनेट मिशन के प्रस्ताव के आधार पर किया गया था।
  • संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसम्बर, 1946 को वर्तमान संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में हुई थी जिसे ‘कॉन्स्टीट्यूशनल हॉल’ की संज्ञा दी गई। इस बैठक में संविधान सभा ने ‘डॉ. सच्चिदानन्द सिन्हा’ को अपना अस्थायी अध्यक्ष निर्वाचित किया। दो दिन बाद 11 दिसम्बर, 1946 को संविधान सभा के सदस्यों द्वारा डॉ. राजेंद्र प्रसाद को संविधान सभा का स्थायी सदस्य निर्वाचित किया गया।
  • संविधान सभा की कार्यवाही 13 दिसम्बर, 1946 को जवाहर लाल नेहरू द्वारा पेश किये गये ‘उद्देश्य प्रस्ताव’ के साथ प्रारम्भ हुई।
  • उद्देश्य – पत्र में ब्रिटिश भारत के सभी क्षेत्रों और देशी रियासतों को मिलाकर ‘भारत संघ’ का गठन करने तथा भारत को ‘लोकतांत्रिक गणराज्य’ बनाने का संकल्प लिया गया। उद्देश्य प्रस्ताव पर 8 दिन व्यापक विचार-विमर्श किया गया और उसे 22 दिसम्बर, 1946 को पारित कर दिया गया।
  • ब्रिटिश भारत के विभाजन के परिणामस्वरुप, जो संविधान सभा पूर्व में अविभाजित भारत के लिए संगठित की गई थी, उसमें से कुछ सदस्य कम हो गये। विभाजन के परिणामस्वरुप पाकिस्तान के लिए पृथक संविधान सभा गठित की गई। बंगाल, पंजाब, सिन्ध, पश्चिमोत्तर सीमा प्रान्त और असम के सिलहट जिले जनमत संग्रह के आधार पर पाकिस्तान में सम्मिलित हो गए। इन सभी के प्रतिनिधि भारत के संविधान सभा के सदस्य नहीं रहे। पश्चिमी बंगाल और पूर्वी पंजाब के प्रान्तों में नए सदस्य निर्वाचित किए गये।
  • 31 अक्टूबर, 1947 को संविधान सभा की सदस्य संख्या घटकर 299 रह गई। इन सदस्यों में से 284 सदस्य ही 26 नवम्बर, 1949 को उपस्थित थे और संविधान पर हस्ताक्षर किये। इसमें कुल महिला सदस्य संख्या 08 थी।
  • संविधान सभा के संविधानिक सलाहकार बी. एन. ने राव अक्टुबर, 1947 में संविधान सभा का पहला प्रारुप तैयार किया था। इसमें 243 अनुच्छेद तथा 13 अनुसूचियां थी।

जारी..

मिलते है हम अगले दिन, संविधान सभा के प्रमुख सदस्य विषय पर चर्चा करने के लिये..

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