एपेक एशिया - प्रशांत क्षेत्र के 21 देशों के आर्थिक सहयोग का महत्वपूर्ण मंच है। इस मंच का उद्देश्य संपूर्ण एशिया - प्रशांत क्षेत्र में मुक्त व्यापार को प्रोत्साहित करने के अतिरिक्त धारणीय आर्थिक विकास एवं समृद्धि को समर्थन देना है। इस संगठन की स्थापना 12 सदस्यों के साथ वर्ष 1989 में केनबरा (ऑस्ट्रेलिया) में की गयी थी जबकि वर्तमान में सदस्य राष्ट्रों की संख्या 21 है, एपेक ( APEC, Asia - Pacific EconomicCooperation) की स्थापना का सुझाव सर्वप्रथम जनवरी, 1989 में तत्कालीन ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री बाब हॉक (Bob Hawke) ने दिया था जबकि उनके प्रयासों से ही एपेक की प्रथम बैठक नवंबर, 1989 में ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में संपन्न हुई। गौरतलब है कि इस मंच की वार्षिक बैठक में ताइवान को छोड़कर सभी सदस्य राष्ट्रों के शासन प्रमुख भाग लेते हैं जबकि ताइवान का प्रतिनिधित्व ‘चीनी ताइपे' नाम से मंत्रिस्तर के अधिकारी करते हैं, इसके सदस्य राष्ट्र हैं — ऑस्ट्रेलिया, ब्रुनेई, कनाडा, चिली, चीन, हांगकांग, इंडोनेशिया, जापान, कोरिया, मलेशिया , मेक्सिको , न्यूजीलैंड , पापुआ न्यू गिनी , पेरू , फिलीपींस, रूस, सिंगापुर, ताइवान, थाईलैंड, यूएसए एवं वियतनाम।
एपेक और भारत : भारत ने एपेक में अपनी सदस्यता के लिए अनुरोध कर रखा है जबकि अमेरिका भी एपेक में भारत की सदस्यता के लिए समर्थन करता है। अमेरिका के अलावा जापान और ऑस्ट्रेलिया भी भारत के शामिल होने पर सहमत है। अभी तक भारत को इसलिए शामिल नहीं किया गया क्योंकि एपेक का मानना है कि भारत प्रशांत महासागर की सीमा में नहीं आता है हालांकि, भारत को नवंबर 2011 में पहली बार एक पर्यवेक्षक के रूप में आमंत्रित किया गया था।