चीनी उद्योग। भारत में चीनी का उत्पादन मुख्यतः गन्ने से तथा यूरोप में चुकंदर से होती है ।। भारत में पहला चीनी मिल डच व्यापारी द्वारा 1840 में उत्तर पश्चिम बिहार (असफल) तथा 1903 में अंग्रेजों द्वारा मठौरा (सारण जिला) बिहार (सफल) कारखाना है -> चीनी उद्योग एक भार छास उद्योग (अशुद्ध) है ।इसलिए चीनी उद्योगों का संकेन्द्रण गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में है ।। गन्ने को खेत से काटने के 24 घंटे के अंदर ही पिराई हो जानी चाहिए देरी होने पर सुक्रोज की मात्रा घटती जाती है ।
=> चीनी उद्योग के क्षेत्र -
UP ( गंगा यमुना दोआब क्षेत्र ) और उत्तर पूर्वी तराई क्षेत्र दोआब क्षेत्र => सहारनपुर ,मुजफ्फरनगर ,मेरठ गाजियाबाद। तराई क्षेत्र में => गोरखपुर ,बस्ती, देवरिया, गोंडा सीतापुर
Maharastra => यहां के गन्ने में सुक्रोज की मात्रा अधिक होती है इसलिए चीनी उत्पादन अधिक होता है => लंबे पिराई काल के कारण लगभग 160 दिन शुगर का उत्पादक अधिक है
Jute Industry.
यह भी भार छास उद्योग है । जूट तने के रेेेशे से प्राप्त होता है ।। प्रथम कारखाना - 1855 में हुगली नदी के रिसरा (W.B) नामक स्थान पर लगाया गया । विभाजन से पूर्व Jute पर भारत का एकाधिकार था लेकिन विभाजन के बाद इसके अधिकतर कारखाने में भारत में रह गए जबकि इसका कृषि बांग्लादेश में चला गया । इससे इस उद्योग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा था। => प्रथम स्थान जूट उत्पादन - पश्चिम बंगाल U .P मैं जूट उद्योग के प्रमुख क्षेत्र - Gorakhpur & Kanpur