राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति........(2019)

केन्द्रीय विद्यालय ने 19 फरवरी, 2019 को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित 'राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति 2019' (NPE 2019) को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी ।


प्रस्तावित नीति (National Policy on Electronic 2019) का उद्देश्य देश को 400 अरब डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद के साथ वर्ष 2025 तक इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना और इस क्षेत्र में 1 करोड़ लोगों को रोजगार उपब्ध कराना है। इस नीति में चिपसेटों सहित महत्वपूर्ण घटकों को देश में विकसित करने की क्षमताओं को प्रोत्साहित कर भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग ’(ESDM) के एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की परिकल्पना की गयी है। 

प्रमुख विशेषताएं---
प्रस्तावित नीति के अंतर्गत देश में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए चिप सेट सहित प्रमुख उपकरणों के निर्माण की क्षमता को बढ़ावा दिया जाएगा। ऐसी मेगा परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज दिया जाएगा, जो बेहद हाई - टेक हैं और इसमें भारी भरकम निवेश की जरूरत है। इनमें सेमीकंडक्टर सुविधाएं, डिस्प्ले फैब्रिकेशन इत्यादि शामिल हैं। प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जों के विनिर्माण के लिए प्रोत्साहन और सहायता दी जाएगी। साथ ही नई यूनिटों को बढ़ावा देने और वर्तमान यूनिटों के विस्तारीकरण के लिए भी उपयुक्त योजनाएं और प्रोत्साहन देने से जुड़ी व्यवस्थाएं बनाई जाएंगी। इस नीति के तहत क्रेडिट गांरटी स्कीम और ब्याज में छूट देने का भी प्रावधान होगा। साथ ही  कुशल श्रमबल की उपलब्धता में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए प्रोत्साहन और सहायता दी जाएगी। ईएसडीएम क्षेत्र में बौद्धिक संपदा (आईपी) के विकास एवं अधिग्रहण को बढ़ावा देने के लिए सॉवरन मुद्रा कोष (सॉवरेन पेटेंट फंड - SPF) बनाया जाएगा। इस नीति में वर्ष 2025 तक देश में लगभग 190 अरब डॉलर मूल्य का 100 करोड़ मोबाइल फोन बनाने और 110 अरब डॉलर के 60 करोड़ मोबाइल फोन निर्यात करने का लक्ष्य रखा गया है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति 2012 के तत्वावधान में विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन से एक भारतीय ईएसडीएम वेल्यू चेन की नींव सफलतापूर्वक मजबूत हो गई है। एनपीई 2019 में इस आधार को और मजबूत करने का प्रस्ताव किया गया है। यह नीति, राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति 2012 (NPE 2012) का स्थान लेती है।

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