हीनताजन्य, असंक्रामक व अन्य रोग

* मानव पशुओं या पौधे में संक्रमण आहार अथवा किसी प्रक्रम दोषपूर्ण कार्य प्रणाली द्वारा उत्पन्न विकार को सामान्यता रोग कहते हैं। * जबकि खनिजों विटामिनों अथवा आवश्यक पोषक जैसे प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट युक्त आहार के अभाव से उत्पन्न रोग हीनताजन्य या अभावजन्य रोग कहलाते हैं। * विभिन्न प्रकार के रोग शरीर अथवा अंग की संरचना व कार्य को प्रभावित करते हैं। * ज्ञातव्य है कि मधुमेह,उच्च रक्तचाप ,कैंसर इत्यादि मनुष्य के असंक्रामक रोग हैं।

* कैंसर एक प्रकार की असंगठित ऊतक वृद्धि की बीमारी है, जो कोशिकाओं में अनियंत्रित विभाजन व विकास के कारण होती है। यह कोशिकाएं पोषक पदार्थों की इतनी अधिक खपत करने लगती है कि शरीर की सामान्य कोशिकाओं को पोषक पदार्थों की पूर्ति नहीं हो पाती है ।  अतः शरीर की कोशिकाएं धीरे धीरे झीणो कर समाप्त होने लगती हैं ।  कैंसर रोगी की मृत्यु इसी कारण से होती है। * यह एक अत्यंत हीी घातक रोग है, जो उन सभी अंगों में हो सकता है जिनकी कोशिका विभाजन की क्षमता रखते हैं।

* कैंसर कोशिकाओं का शरीर की एक अंग से दूसरे निकटवर्ती अंग में फैलना अपरूपांतरण कहलाता है। कई महीनों या वर्षोंं तक कैंसर कोशिकाएं शरीर के एक हिस्से में रहती हैं, और धीरे-धीरे बढ़ती हैं। यहाँ तक कैंसर पहले स्टेज का होता है। फिर यह कोशिकाएं अपने अगल बगल स्वास्थ्य कोशिकाओं को प्रभावित करती हैं, तो यह उस अंग के "लिम्फ नोड " तक पहुंच जाती है।

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